इंडिया टीवी के अभिषेक उपाध्याय की ये कविता पढ़ी क्या आपने

Thursday, 09 June, 2016

टीवी पत्रकार अभिषेक उपाध्याय यूं तो अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पर आजकर उनके द्वारा रचित एक कविता भी फेसबुक पर खूब लाइक्स बटोर रही है। दैनिक भास्कर और आईबीएन7 के साथ पत्रकारिता कर चुके अभिषेक आजकल इंडिया टीवी में एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर है। पढ़िए उनकी ये कविता... abhishek1मैं अपने जूते पर हमेशा धूल की एक पर्त चढ़ाकर रखता हूँ वो ज़िंदगी हो या फिर जूते मुझे पॉलिशों से चिढ़ है सभ्यता के डाइनिंग टेबल को घेरकर बैठे हैं कांटे-छूरियों से खाने वाले लोग मैं हाथों से तोड़ता हुआ उम्र के कौर भरसक कोशिश करता हूँ कि जूते से धूल न हटने पाए कहीं कोई पॉलिश न चढ़ने पाए कोई निशान न मिलने पाए ................ सुना है! किसी तहज़ीब वाली ईंटों के अपार्टमेंट में रहते हो तुम जहां धूलें नही उड़तीं और जूते हमेशा चमचमाते हैं!

पोल

'कॉमेडी नाइट विद कपिल शर्मा' शो आपको कैसा लगता है?

बहुत अच्छा

ठीक-ठाक

अब पहले जैसा अच्छा नहीं लगता

Copyright © 2017 samachar4media.com