इस अनोखे' प्यार पर पत्रकारों ने बनाई एक फिल्म

Wednesday, 01 March, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

बचपन से ही अकसर प्यार की कहानियों को हम फिल्मों में देखते आए हैं, और कई बार तो इसे जीते भी हैं। इस प्यार के किरदार में हमने सिर्फ लड़का और लड़की देखे हैं, लेकिन क्या हो जब इस किरदार में दोनों लड़के हो या फिर दोनों लड़कियां। अगर ऐसा होता है तो शायद यह सोच लोगों के दिमाग में चोट करती है, कि ऐसा नहीं हो सकता या फिर ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह गलत है। इसलिए समलैंगिक समुदायों के लोगों को दुनिया भर में भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

इसी भेदभाव को मिटाने और इसके प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए कुछ पत्रकारों ने एक शॉर्ट फिल्म तैयार की है। ‘5 फ्रेम मूवीज’ (5 Frame Movies) के जरिए तैयार की गई इस साढ़े 5 मिनट की शॉर्ट फिल्म में दिखाया गया है कि एक लड़का और एक लड़की अपने प्यार को खुलकर कहीं भी जी सकते हैं, लेकिन एक ही सेक्स के दो लोग अगर आपस में प्यार करें तो उनके साथ क्या घटता हैं।

दशकों पहले समलैंगिक पुरुष या महिलाएं समाज की लगातार उपेक्षा और बहिष्कार के कारण अपनी यौनिकता छिपाते थे और किसी महिला या पुरुष से शादी कर लेते थे और दोहरी जिंदगी जीने पर मजबूर हो जाते थे, लेकिन आज जब समाज ऐसे रिश्तों को कबूल करने लगा है। उन्हें लेकर धीरे-धीरे लोगों की मानसिकता बदलने लगी है, फिर भी उनके सामने कई तरह की चुनौतियां हैं और उन्हें हीन भावना का सामना करना पड़ता है।

इस फिल्म में जिस टीम ने काम किया है, वह सभी नौकरीपेशा हैं और नौकरी करते-करते ही फिल्म को आकार देने का काम कर रहे हैं। इस ग्रुप में सुमित शर्मा, विपिन सिंह लिंगवाल, नदीम रियाज, संजय सिंह, रंजीत वासु, सुशांत शर्मा, राकेश तिवारी, आशुतोष, स्वाति जुड़े हुए हैं। ये सभी अपनी मेहनत से ‘5 फ्रेम मूवीज’ (5 Frame Movies) के माध्यम से समाज को कुछ नया देने की कोशिश कर रहे हैं। सुमित शर्मा ने फिल्म की एडिटिंग की है, आशुतोष ने निर्देशन  और डीओपी में अंकुश कुमार का योगदान रहा। नदीप प्रॉडक्शन हेड के रूप में साथ रहते हैं। संजय, रंजीत, राकेश, विपिन और स्वाति अभिनय की जिम्मेदारी संभालते हैं। सुशांत मुंबई के रहने वाले हैं और हाल में ‘घायल रिटर्न्स’ और आइडिया के ऐड में भी आ चुके हैं।

यहां बता दें कि साल 2009 में दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि अगर कोई सहमति से समलैंगिक संबंध बनाता है तो यह अपराध नहीं होगा, लेकिन बाद में साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी व्याख्या में बताया कि किसी तरह का अप्राकृतिक संबंध गैरकानूनी है। फिलहाल भारत में समलैंगिक यानि एक ही जेंडर/लिंग के लोगों का एक-दूसरे से संबंध बनाना अपराध है और इसके लिए 10 साल तक की सजा हो सकती है।

वही दुनिया के कई अलग-अलग हिस्सों में समलैंगिक संबंध बनाना अपराध नहीं है, लेकिन भारत जैसे देश में जहां अलग-अलग धर्म और जाति को मानने वाले लोग हैं, इसीलिए ऐसे में समलैंगिकता एक जटिल विषय है।

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