ऐडवर्टाइजर्स को ASCI के चेयरमैन ने दी अब यह सलाह

Tuesday, 14 February, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

swamyएडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI)  ने ऐडवर्टाइजर्स को सलाह दी है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद अब उन्हें अपनी मानसिकता में बदलाव करने की जरूरत है। ASCI चेयरमैन एसके स्वामी के अनुसार, ‘ASCI की भूमिका पर सवाल उठाने वाले इन ऐडवर्टाइजर्स का कहना रहता था कि हमें उनके मामलों में दखल नहीं देनी चाहिए और उनके कार्यों पर टिप्‍पणी नहीं करनी चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद उन्हें अपने विचारों को बदलने की जरूरत है।’

स्वामी का कहना है, ‘ऐडवर्टाइजर्स अब यह नहीं कह सकते कि ASCI उनके विज्ञापनों पर कोई फैसला नहीं दे सकता है, क्योंकि देश की सर्वोच्च अदालत ने ASCI’ की भमिका को मान्यता दे दी है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते भ्रामक और गलत जानकारी देने वाले विज्ञापनों पर कार्रवाई के मामले में एडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI)  द्वारा उठाए जा रहे कदमों को सही माना है। अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने इस बात से सहमति जताई थी कि मीडिया के क्षेत्र में टीवी और रेडियो प्रोग्रामों पर वैधानिक प्रावधानों को लागू करने के लिए ASCI काफी प्रभावी रूप से कदम उठाता है। सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना था कि मीडिया के कंटेंट पर नजर रखने के लिए इस समय वैधानिक (statutory) अथवा स्वनियामन (self-regulatory) का जो सिस्‍टम है, वह पर्याप्‍त है और उसमें हस्‍तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।

ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में ASCI करीब तीन दशकों से एडवाइजरी की भूमिका (advisory role) निभा रहा है। ASCI की इस भूमिका पर पहले कई हमले हुए हैं जब ऐडवर्टाइजर्स ने इस संस्‍था की असली शक्तियों के बारे में सवाल उठाए हैं।

स्वामी का कहना है कि ASCI की भूमिका सिर्फ उसके सदस्यों तक ही सीमित नहीं है। ASCI किसी के भी खिलाफ मिली शिकायत की जांच करता है। उनका कहना है कि यदि किसी ऐसी ऐड फर्म के खिलाफ शिकायत मिलती है जो ASCI की सदस्‍य नहीं है तो भी कंज्‍यूमर कंप्‍लेंट्स काउंसिल (CCC)  इन मामलों की जांच कर अपना निर्णय सुनाएगी। स्‍वामी का कहना है, ‘जिन ऐडवर्टाइजर्स को लगता है कि ASCI को उनके मामले में बोलने का अधिकार नहीं है तो वे सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय देख सकते हैं।’

उनका कहना है कि ऐडवर्टाइजर्स के बारे में दिए गए निर्णय को लेकर ASCI की भूमिका सीमित है और यह उन निर्णयों को लागू नहीं करवाता है। उन्‍होंने कहा कि जब तक हमें सीधे कानूनी कार्रवाई का अधिकार नहीं मिलता है, तब यह यह मामले संबंधित मंत्रालय अथवा विभागों को रिपोर्ट किए जाते रहेंगे। ASCI के नियमों का पालन न करने वालों पर ये मंत्रालय अथवा विभाग कार्रवाई करने के लिए तैयार रहते हैं। स्‍वामी का कहना है कि ऐडवर्टाइजर्स के लिए यही सही रहेगा कि वे अपने आप नियमों का पालन करें ताकि किसी और को उन पर दबाव न बनाना पड़े।

सोशल मीडिया पर प्रमोशंस को लेकर मिल रहीं चुनौतियों के बारे में स्‍वामी का कहना है, ‘यूजर द्वारा तैयार किए गए कंटेंट को लेकर ASCI की कोई भूमिका नहीं है लेकिन यदि ऐसी शिकायत मिलती है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किया गया है तो ASCI ऐसे ऐडवर्टाइजमेंट पर विचार कर अपना निर्णय देगा।’

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