केंद्रीय हिंदी संस्थान में हुआ एल्युमनी मीट, मीडिया सेंटर का हुआ एलान

Tuesday, 07 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

जिन्हें चुनौतियां स्वीकार हैं, वो पत्रकार बनें क्योंकि पत्रकारों को हमेशा नई चुनौतियां का सामना करना होता है। ऐसे में अगर कोई चुनौतियों का सामना ना करना चाहे तो वो पत्रकार नहीं बने। अगर आप जागरुक प्रहरी होंगे तो लोकतांत्रिक मूल्य जीवित रहेंगे। पत्रकार वो आवाज है, जो सरकार का सच से सामना करता है। ये कहना है केएचएस पत्रकारिता मंच के सचिव सुधेंद्र प्रताप सिंह का। रविवार को केंद्रीय हिंदी संस्थान में जनसंचार एवं पत्रकारिता के पूर्व छात्र- छात्राओं (2002 से 2017 तक) के पहली एलुमिनी मीट का आयोजन हुआ।

इस कार्यक्रम का शुभांरभ करते हुए संस्थान के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के विभाग्याधक्ष डॉ. केसरी नंदन ने कहा कि संस्थान में पत्रकारिता का कोर्स 2002 से चल रहा है। लेकिन ये पहला अवसर से जब संस्थान में पत्रकारिता के पूर्व छात्र-छात्राओं का पहला समागम हुआ है। डॉ। केसरी नंदन ने कहा कि पत्रकारिता के छात्रों के लिए जल्द ही संस्थान में एक मीडिया सेंटर खुलेगा। जहां पूर्व और वर्तमान छात्र-छात्राएं मीडिया के विकास पर चर्चा कर सकेंगे। डॉ. नंदन ने कहा कि यहां पत्रकारिता में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का संस्थान से एक लगाव सा हो जाता है। उनका ये लगाव ऐसे ही बना रहे इसके लिए भविष्य में हर साल एक एलुमिनी मीट की योजना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् डॉ. राजशंकर शर्मा ने की। इस मौके पर विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करने वाले पत्रकारों और सोशल एक्टिविस्ट शामिल हुए, जिन्होंने केंद्रीय हिंदी संस्थान के अपने अनुभव साझा किया। 

कार्यक्रम में पत्रकारों की सुरक्षा, कैंपस प्लेसमेंट, सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव और नियमित संवाद पर चर्चा हुई। इस दौरान केएचएस पत्रकारिता मंच के अध्यक्ष एस्ट्रोलोजर प्रमोद कुमार गौतम, गीतकार ब्रजेश कुमार, त्रिवेंद्र कुमार एडवोकेट, विकास बंगाली, पवन कुमार, धीरज शुक्ला, प्रताप सिंह, सुनीता दिवाकर, पूनम, नेहा, चंदन सिंह, सोशल एक्टविस्ट नरेंद्र कुमार वरुण ने अपने विचार व्यक्त किए।




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