अमर उजाला का 'शब्द सम्मान', बढ़ाएगा साहित्य का मान...

अमर उजाला का 'शब्द सम्मान', बढ़ाएगा साहित्य का मान...

Monday, 02 April, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

हिंदी दैनिक अमर उजाला’ ने साहित्य का, साहित्य के लिए और साहित्य को ही समर्पित एक नायाब पहल शुरू की है। इस पहल का नाम है शब्द सम्मान। यह अमर उजाला फाउंडेशन का एक प्रोजेक्ट है, जिसके तहत लेखकों को उनकी बेमिसाल कृतियों के लिए सम्मानित किया जाएगा।


हिन्दी और एक अन्य भारतीय भाषा में विशिष्ट अवदान के लिए दो सर्वोच्च अलंकरण 'आकाशदीप' दिए जाएंगे, जिसके तहत 5-5 लाख की नकद ईनाम राशि दी जाएगी। इसके अलावा तीन तरह के पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

'थाप' के तहत हिन्दी में किसी भी लेखक की पहली पुस्तक के लिए एक लाख रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी।

'छाप' के तहत तीन विधाओं में तीन कृतियों (कविता, कथा और गैर कथा) के लिए तीन साहित्य सम्मान दिए जाएंगे, जिसमें एक-एक लाख रुपए की सम्मान राशि होगी।

'भाषा बंधु' के तहत भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए एक लाख रुपए का विशेष सम्मान दिया जाएगा। पुरस्कार पाने के इच्छुक लेखकों को 10 मई 2018 तक नियमों व शर्तों सहित प्रस्ताव पत्र भेजने होंगे।

अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा गठित निर्णायक मंडल सम्मान देने के लिए कृतियों का चयन करेगा। संबंधित पूरी जानकारी shabadsamman.amarujala.com पर उपलब्ध है।

इस बारे में अमर उजाला समूह के सलाहाकार संपादक यशवंत व्यास ने बताया कि भारतीय भाषाओं का सामूहिक स्वप्न और सामाजिक संघर्षों की अभिव्यक्ति है ये नया अभियान। उन्होंने कहा कि इस नए इनिशिटिव को साहित्य जगत बहुत ही उत्साहजनक तरीके से ले रहा है। इन सम्मानों को पूरी तरह से पारदर्शी रखा जाए इसलिए हर साल इसके निर्णायंक मंडल परिवर्तन होगा।

वरिष्ठ साहित्यकारों ने बुधवार को अलग-अलग शहरों में शब्द सम्मान के पोस्टर जारी करते हुए अमर उजाला की इस पहल को मील का पत्थर बताया। वरिष्ठ साहित्यकारों नामवर सिंह, तस्लीमा नसरीन व रामदरश मिश्र ने दिल्ली, काशीनाथ सिंह ने वाराणसी, नयनतारा सहगल, रस्किन बांड व लीलाधर जगूड़ी ने देहरादून, शम्सुर्रहमान फारुकी ने इलाहाबाद, सुरजीत पातर ने चंडीगढ़, शेखर जोशी ने लखनऊ, गीतकार गोपालदास नीरज व काजी अब्दुल सत्तार ने अलीगढ़ में शब्द सम्मान के पोस्टर जारी किए। 

साहित्यकार रस्किन बांड ने कहा कि, "इससे साहित्यकारों को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। अमर उजाला की यह पहल दूर तलक जाएगी।"

नयनतारा सहगल ने कहा कि, "इस पहल से साहित्य को नई ऊर्जा और साहित्यकारों को नई बेहतर मंच मिलेगा। नए साहित्यकारों का जन्म होगा।"

वहीं प्रसिद्ध साहित्यकार गोपालदास नीरज ने कहा कि, "इस पुरस्कार से युवा रचनाकारों के साथ-साथ स्थापित सृजनकर्ताओं को भी एक नई पहचान मिलेगी। साथ ही नई पीढ़ी साहित्यकारों से परिचित हो सकेगी।"

वहीं शब्द सम्मानदिए जाने की घोषणा पर पंडित जवाहर लाल नेहरु की भांजी और प्रख्यात लेखिका नयनतारा सहगल ने कहा कि इस पहल से साहित्य को नई ऊर्जा और साहित्यकारों को बेहतर मंच मिलेगा। लिखने वाले जितने भी लोग हैं उनकी तरफ अमर उजाला ने ध्यान दिया, यह सराहनीय है। ऐसा करने से नए साहित्यकारों का जन्म होगा। युवा, साहित्य के क्षेत्र की ओर अग्रसर होंगे। एक दौर था जब अखबारों की खबरों में साहित्य देखने को मिलता था। इस प्रयास से एक बार फिर से खबरों में साहित्य की छाप दिखाई देगी।

उर्दू के जाने-माने आलोचक पद्मश्री शम्सुर्रहमान फारूकी ने शब्द सम्मानयोजना के माध्यम से साहित्य की सेवा के क्षेत्र में अमर उजालाकी पहल को सराहा और कहा कि इस मुल्क में साहित्य के बहुत बड़े-बड़े अवॉर्ड पहले भी दिए जाते रहे हैं। कई अखबारों की ओर से भी ऐसी पहल हुई है लेकिन हिन्दी क्षेत्र में हिन्दी के प्रतिष्ठित दैनिक अखबार अमर उजालाकी ओर से ऐसी शुरुआत काबिलेतारीफ है।

अमर उजाला शब्द सम्मान के पोस्टर का विमोचन करते हुए पद्मश्री डॉ. सुरजीत पातर ने कहा कि समाज से सरोकार गढ़ते शब्द.. नई कविता में उम्मीदों की हरी पत्तियां और सदियों पर पुल बनाती भाषा। साहित्य की जितनी परतें खोली जाएं, आप एक से दूसरे बिलकुल नए और ताजे समुद्र में उतर जाते हो। शब्द एक बर्ताव है, जो हमेशा हैरान करता रहा है।  


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