जय अमित शाह पर स्टोरी करने वाली रोहिणी सिंह ने लिखी ‘मन की बात’

जय अमित शाह पर स्टोरी करने वाली रोहिणी सिंह ने लिखी ‘मन की बात’

Monday, 09 October, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।


अंग्रेजी न्यूज पोर्टल द वायर’ (The Wireमें भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के खिलाफ छपे जिस आर्टिकल को लेकर बवाल मचा हुआ है, वह चर्चित पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा है। रोहिणी वही पत्रकार हैं, जिन्होंने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की कंपनी और डीएलएफ रियल एस्टेट के बीच साठगांठ का खुलासा किया था। इतना ही नहीं कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्डा से डीएलएफ को मिलने वाले फायदे का खुलासा भी उन्‍होंने ही किया था। उस समय भी उनके आर्टिकल को लेकर बहुत हंगामा हुआ था।


अब रोहिणी सिंह ने इस आर्टिकल में खुलासा किया है कि अमित शाह के बेटे की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज का टर्नओवर एक ही साल में 16 लाख गुना बढ़ गया । जो कंपनी 2014-15 तक महज 50 हजार की थी वही 2015 16 में 80.5 करोड़ की हो गई। इस बार फिर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। गौरतलब है कि रोहिणी सिंह ने इकनॉमिक टाइम्स के साथ भी पत्रकारिता का सफर किया है। यूपी चुनावों पर उनकी कई स्टोरीज को लेकर चर्चाएं भी हुईं, तो उन पर उस वक्त भी कई आरोप लगाए गए थे।


उल्‍लेखनीय है कि ‘The Golden Touch Of Jay Amit Shah  शीर्षक से प्रकाशित इस आर्टिकल में आरोप लगाया गया था कि जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है, तब से जय की कंपनियों के बिजनेस में आश्‍चर्यजनक रूप से काफी इजाफा हुआ है। यह आर्टिकल वायरल होते ही विभिन्‍न दलों के नेताओं को एक मुद्दा मिल गया। इस मामले में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा था किवेबसाइट पर छपी खबर गढ़ी गई है और अमित शाह के बेटे जय शाह सोमवार को अहमदाबाद में वेबसाइट के संपादक और रिपोर्टर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का आपराधिक मुक़दमा दर्ज कराएंगे।


इस बारे में रोहिणी सिंह ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ पर लिखा है, ‘इस बारे में ऐसा कोई नोट नहीं लिखना चाहती हूं कि अन्‍य पत्रकारों को क्‍या करना चाहिए। मैं सिर्फ अपने बारे में बात कर सकती हूं। मेरी प्राथमिकता सच्‍चाई सामने लाने की है। वर्ष 2011 में मैंने जब रॉबर्ट वाड्रा व डीएलएफ के बीच साठगांठ के बारे में लिखा था तो मुझे याद नहीं कि इस तरह की बातें हुई थीं, जो अब हो रही हैं।’


उन्‍होंने लिखा है, ‘पत्रकारों को उनके पथ से डिगाने के लिए शक्तिशाली लोगों द्वारा प्राय: धमकी और शोषण का इस्‍तेमाल किया जाता रहा है। एक बार किसी प्रसिद्ध व्‍यक्ति ने कहा भी था कि न्‍यूज वह है जिसे दबाने की कोशिश की जाती है, बाकी सब तो ऐडवर्टाइजिंग है। मैं दूसरों के बारे में तो नहीं जानती लेकिन मैं इन चीजों से अपना ध्‍यान नहीं हटाना चाहती हूं। मैं ये स्‍टोरी सिर्फ इसलिए नहीं कर रही हूं कि यह बहादुरी है बल्कि मैं इसलिए करती हूं क्‍योंकि यही पत्रकारिता है।


गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब इस पोर्टल के खिलाफ इस तरह मानहानि का मामला दर्ज कराया गया है। इससे पहले ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) में निवेशक और सांसद राजीव चंद्रशेखर ने मार्च 2017 में ‘द वायर’ के खिलाफ मानहानि के दो मामले दर्ज कराए थे। ये मामले वेबसाइट द्वारा प्रकाशित आर्टिकल को लेकर दर्ज कराए गए थे।


वहीं, ‘जी टीवी’ (ZEE TV) के मालिक सुभाष चंद्रा ने एक आर्टिकल प्रकाशित करने पर जुलाई 2017 में ‘द वायर’ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में मिजोरम के मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट द्वारा पोर्टल के एडिटर्स के खिलाफ सम्‍मन भी जारी किया गया था।   


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