हिन्दुस्तान: घर-ऑफिस में नौकरानी हैं, तो जरूर पढ़ें, सीनियर फीचर एडिटर ने कुछ समय लिखी भी थी ऐसी कहानी...

Wednesday, 04 January, 2017

हिंदी दैनिक अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने एक अपने पत्रकार हेमंत कुमार पांडेय की एक एक्सक्लूसिव खबर प्रकाशित की है, जिसमें बताया गया है कि कैसे जॉब दिलाने के बहाने दिल्ली लाई गई 200 लड़कियां लापता हो गईं हैं। हालांकि इससे पहले अखबार की सीनियर फीचर एडिटर जयंती रंगनाथन ने अपनी एक कहानी में भी इसी बात का जिक्र किया था, जिसे आप नीचे पढ़ सकते हैं:

पढ़ें : मानव तस्करी पर वरिष्ठ पत्रकार जयंती रंगनाथन की कहानी: लाल पत्तियां

हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव : दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर लाई गईं 200 लड़कियां लापता

दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसियों के नाम लाई गईं 200 लड़कियां लापता हैं। यहां बिना लाइसेंस की 12 एजेंसियां प्लेसमेंट के बहाने 16 साल से मानव तस्करी के धंधे में लगी हैं। ये लड़कियां बिहार, झारखंड, ओडिशा जैसे राज्यों से बहला-फुसलाकर लाई गईं थीं। इनका नेटवर्क असम, प. बंगाल में भी फैला हुआ है। पिछले माह इसका खुलासा होने के बाद से पुलिस जांच में जुटी है। दलालों के जरिए इन लड़कियों को घरेलू नौकरानी के तौर पर लाया जाता था और एजेंसियों को सौंप दिया जाता था। जबकि इन एजेंसियों के पास कोई आधिकारिक लाइसेंस नहीं था। पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया जाता था।

मामला ऐसे खुला: पश्चिम बंगाल निवासी 16 वर्षीय लूसी (बदला हुआ नाम) को पिछले माह उसके नियोक्ता ने वेतन मांगने पर बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। किसी तरह से पीड़िता ने महिला आयोग से संपर्क साधा और 19 दिसंबर को मामला पुलिस के सामने आया। इसके बाद 25 दिसंबर को पुलिस ने 38 वर्षीय मरियम नाम की महिला को गिरफ्तार किया जिसने लूसी को मुखर्जी नगर स्थित व्यवसायी अतुल लोहिया के घर भेजा था।

मरियम अपनी बहन पायल के साथ पश्चिम दिल्ली के बलजीत नगर में अपनी प्लेसमेंट एजेंसी चलाती है। जब पुलिस ने इनके दफ्तर पर छापा मारा तो करीब 203 लड़कियों की तस्वीरें और फर्जी पतों वाला एक रजिस्टर और फर्जी फॉर्म मिले। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, मरियम ने बताया कि इन लड़कियों के बारे में उसे खुद भी नहीं पता। वह इनको एक हाथ से दूसरे हाथ और फिर इसके आगे भेज देते थे।

सहायक गिरफ्तार पति-बहन फरार पुलिस ने मरियम के सहायक गणेश बर्मन और सरस्वती को गिरफ्तार कर लिया है। मरियम का पति राधे श्याम और बहन पायल फिलहाल फरार हैं। मरियम ने बताया कि वह 16 साल से इस व्यवसाय को कर रही थी। वह और बर्मन करीब एक दर्जन प्लेसमेंट एजेंसियों को विभिन्न नामों से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में चला रहे थे। अब तक वे करीब 700 लड़कियों को घरेलू सहायिका के तौर पर भेज चुके हैं।

हम दिल्ली सरकार से विधेयक लाने की मांग कर रहे हैं। ताकि प्लेसमेंट एजेंसियों की आड़ में मानव तस्करी के गोरखधंधे पर नकेल कसी जा सके। दिल्ली पुलिस से ऐसे मामलों में सख्ती की मांग की गई है। स्वाति मालीवाल, अध्यक्ष दिल्ली महिला आयोग

यदि कुछ गलत लगे तो... - 100 नंबर या महिला हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर कार्रवाई करा सकते हैं - महिला आयोग की हेल्पलाइन 181 पर भी मामले की पूरी सूचना दी जा सकती है - लिखित या मौखिक में भी महिला आयोग के दफ्तर में शिकायत की जा सकती है। स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया जा सकता है।

सजग रहें - घरेलू नौकरानी का पुलिस से सत्यापन अनिवार्य तौर पर कराएं - प्लेसमेंट एजेंसी की सत्यता जांच लें। यह आपकी सुरक्षा का भी विषय है।

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