जानिए, शहर और गांव की रेटिंग में किस एंटरटेनमेंट चैनल ने मारी बाजी

Saturday, 24 October, 2015

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। बार्क इंडिया ने हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनलों के बहुप्रतीक्षित आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिसमें पहली बार देश के ग्रामीण इलाकों के आंकड़े भी शामिल हैं। हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनलों के 41वें हफ्ते (10 – 16 अक्टूबर, 2015) में स्टार प्लस शीर्ष पर है। हालांकि स्टार प्लस के सबसे करीब कलर्स रहा। वहीं जी अनमोल इस बार तीसरे नंबर पर है, जबकि जी टीवी नंबर चार पर फिसल गया। BARC रेटिंग [HSM : NCCS All : Individuals : BARC India base - All India (U+R)] के मुताबिक, स्टार प्लस की रेटिंग इस दौरान 403 मिलियन से बढ़कर 804 मिलियन हो गई है। इस बीच कलर्स की रेटिंग 396 मिलियन से बढ़कर 708 मिलियन रही। इस बार नंबर तीन पर रहा जी अनमोल, जिसकी रेटिंग में भारी बढ़त देखने को मिली। इस दौरान चैनल ने 609 मिलियन की रेटिंग दर्ज की। जी टीवी की भी रेटिंग इस दौरान बढ़ी है। चैनल की रेटिंग 253 मिलियन से बढ़कर 588 मिलियन हो गई है। चैनल चौथे नंबर पर पहुंच गया है। वहीं नंबर पांच स्टार उत्सव रहा, जिसकी रेटिंग 500 मिलियन रही, जबकि दूसरी तरफ अपनी रेटिंग में बढ़त के बावजूद भी लाइफ ओके रेटिंग चार्ट में अपनी जगह से फिसलकर छठे नंबर पर पहुंच गया। चैनल की रेटिंग 230 मिलियन से बढ़कर 459 मिलियन हो गई है। मीडिया एजेंसी और एडवरटाइजर्स की जॉइंट इंडस्ट्री बार्क इंडिया ने अप्रैल 2015 से रेटिंग जारी करना शुरू कर दी थी। 6 महीने से अब बार्क इंडिया देश को वहीं देता है, जो उसने वादा किया था, कि ‘भारत क्या देखता है’ के सटीक और मजबूत आंकड़े। बार्क इंडिया इस समय एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के 55 मिलियन (5.5 करोड़) केबल व सैटेलाइट टीवी वाले घरों का प्रतिनिधित्व करता है। ग्रामीण इलाकों को शामिल कर लेने के बाद अब उसकी पहुंच 153.5 मिलियन (15.35 करोड़) घरों तक हो गई है और ये अब पूरे भारत में किसी भी तरीके से टीवी सिग्नल लेनेवालों का प्रतिनिधित्व करता है, इनमें से 77.5 मिलियन (7.75 करोड़) शहरी इलाकों से और 76 मिलियन (7.6 करोड़) ग्रामीण इलाकों से हैं। बार्क इंडिया अब मेगासिटीज की रिपोर्ट करेगी, जिसमें 10-75 लाख शहर और 10 लाख से कम छोटे शहर और ग्रामीण इलाके शामिल हैं। बार्क इंडिया का सर्वे दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्र के दर्शक टीवी पर कम समय बिताते हैं। पांच ग्रामीण क्षेत्रों के दर्शकों में से सिर्फ दो दर्शक NCCS AB कैटेगरी में आते हैं। ग्रामीण भारत में 15-40 वर्ष के युवा दर्शक टीवी पर अपना अधिक समय देते हैं। टीवी चैनल ग्रामीण भारत के ‘जल्दी सोने और जल्दी उठने’ के पुराने सिद्धांत को देखते हुए अब अपने प्राइम टाइम शोज की परिभाषा को बदल सकते हैं।



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