पहले CM को दी गाली, फिर सांसद ने 4 पत्रकारों को 'झूठा' फंसाया...

पहले CM को दी गाली, फिर सांसद ने 4 पत्रकारों को 'झूठा' फंसाया...

Thursday, 02 November, 2017

समाचार4मडिया ब्यूरो ।।

सत्ता का नशा किस कदर सिर चढ़कर बोलता है इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब बीजेपी सांसद हरिनारायण राजभर पहले तो विवादास्पद बयान दे डाला और फिर जब उनका बयान टीवी पर दिखाया तो सांसद जी ने चार पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया। फर्जी मुकदमे की खबर सुनते ही पत्रकारों ने सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

दरअसल हुआ यूं कि यूपी का सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश से VIP कल्चर समाप्त कर दिया है। योगी के इस फैसले से बीजेपी नेता काफी नाखुश हैं। इसी मुद्दे पर अपने कार्यकर्त्ताओं से बातचीत करते हुए हरिनारायण राजभर ने अपना आपा खो दिया। हरिनारायण ने कहा कि योगी ने तो प्रोटोकाल की मां ???? दी है। नेता जी यहीं नहीं रुके उन्होंने इस दौरान पुलिस को भी गाली दी। ये सुनकर सभी कार्यकर्ता सहित मीडिया दंग रह गई।

जब यह बयान टीवी पर दिखा तो सांसद बौखला उठे। उन्होंने सत्ता की हनक दिखाते हुए 4 पत्रकारों पर अवैध खनन का आरोप लगाकर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं फर्जी मुकदमा दर्ज होने की खबर मिलते ही पत्रकारों में बेहद आक्रोश है। उन्होंने पत्रकार कोतवाली थाने के सामने बैठकर सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और फर्जी मुकदमे को वापस लेने को लेकर धरना देना शुरू कर दिया है। पत्रकारों ने कहा कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।

हालांकि वहीं जब इस मामले में सासंद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ उन्हें गुमराह किया गया है और उनके बयान को मीडिया ने तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे मुख्यमंत्री के ऊपर इस खबर का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने चैनल के धोखे में न आकर मेरे पत्र को संज्ञान लिया, इसलिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।

जानिए पूरा मामला

मऊ जिले के स्थानीय सांसद हरीनारायण राजभर ने 25 अक्टूबर को कई गाडियों को छापेमारी करके पकड़ा और पुलिस को सूचना देकर बन्द करा दिया। खनन में पकड़ी गई गाडियों को सांसद ने खुद ही छुड़वा दिया, जिसका कोई मुकदमा या फिर पुलिस ने जीडी में नहीं दर्ज किया। सांसद ने छापेमारी का विडियो का बनाकर खुद ही मीडिया को दिया, जिसकी खबर को मीडिया ने प्रमुखता के साथ दिखाया था। इस मामले में सांसद ने 27 अक्टूबर को मीडिया से प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान ही सासंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिसकर्मियों को गाली दी।

इसके बाद सांसद जी ने मीडिया को इसे टेलिकास्ट न करने की धमकी दी कि इस खबर को रोक देना, नहीं तो अच्छा नहीं होगा। हालांकि यह टेलिकास्ट होने के बाद सांसद ने चार पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।

हालांकि जब इसके विरोध में पत्रकारों ने सांसद के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी, तो  मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। जिसके बाद पत्रकार कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। हालांकि इस मामले में पत्रकारों की बात शहर कोतवाल सुरेश मिश्रा से हुई तो कोतवाल ने उच्चअधिकारियों के निर्देश व जांच करने की बात कहकर मामले को ठन्डे बस्ते में डाल दिया, जिससे आक्रोश में आकर पत्रकार धरने पर बैठ गए। हालांकि इस मामले में पत्रकारों का कहना है कि जब तक मामले में सासंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती है और एफआईआर की कापी पत्रकारों को नहीं मिलती है तब तक धरना जारी रहेगा।


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