कैसे आगे बढ़ रहा है दैनिक भास्‍कर डिजिटल, बता रहे है सीईओ ज्ञान गुप्ता...

Wednesday, 18 May, 2016

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो ।। दैनिक भास्‍कर ग्रुप (Dainik Bhaskar Group) की हिन्‍दी वेबसाइट ‘Dainikbhaskar.com’ देश की तेजी से बढ़ती हुई वेबसाइट है। ‘comScore’ कंपनी द्वारा हाल ही में इसे देश में नंबर दो समाचार वेबसाइट घोषित किया गया है। ‘comScore’ द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, ‘Dainikbhaskar.com’ के 24.3 मिलियन विजिटर्स हैं और इसके 378 मिलियन पेज व्‍यूज हैं। देश की नंबर वन हिन्‍दी न्‍यूज वेबसाइट बनने की दिशा में इसका प्रयास तेजी से जारी है। दैनिक भास्‍कर डिजिटल के सीईओ ज्ञान गुप्‍ता से एक्‍सचेंज4मीडिया (exchange4media) के पत्रकार अभिन्‍न श्रेष्‍ठ ने बातची‍त की। प्रस्‍तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश :  गैर अंग्रेजी प्‍लेयर (non-English player) होने के बावजूद ऑनलाइन न्‍यूज कैटेगेरी में नंबर दो की हैसियत मिलना काफी बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए आपको कैसा लग रहा है? डिजिटल माध्‍यम में भाषा (अंग्रेजी के अलावा) का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ‘Dainikbhaskar.com’ का दूसरे नंबर की न्‍यूज वेबसाइट बनना इस बात का साफ संकेत है। मेरा मानना है कि विभिन्‍न भाषाओं में कंटेंट का बढ़ाया जाना काफी महत्‍वपूर्ण है, नहीं तो हम पूरे देश में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाएंगे। आप इस सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे? मेरा मानना है कि इसके लिए कई चीजें जिम्‍मेदार हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि हमने कंटेंट पर काफी ज्‍यादा काम किया है। जैसे हमने इसको लेकर एडिटोरियल टीम के साथ भी काफी चर्चा की है, इस बात को समझने की कोशिश की है कि डिजिटल और मोबाइल ऑडियंस कितनी अलग है, हेडलाइन को किस तरह तवज्‍जो देनी है और डिजिटल के लिए किस तरह की कॉपी होनी चाहिए आदि। हमने प्रॉडक्‍ट की तरफ भी काफी काम किया है। हमारी वेबसाइट काफी तेज है, हम अपने यूजर्स के अनुभवों के आधार पर इस पर फोकस करते हैं। आपकी डिजिटल स्‍ट्रेटजी क्‍या है और आप इसके बारे में क्‍या सोचते हैं? हमारी डिजिटल स्‍ट्रेटजी काफी साधारण है। हर आदमी अपनी बिजनेस स्‍ट्रेटजी की तलाश में जुटा हुआ है लेकिन मैं यह सोचकर काम करता हूं कि हमारा ऑडियंस किस चीज को तलाश रहा है। अर्थात वह किस तरह का कंटेंट और इंफोरमेशन चाहता है और कैसे हम उसे यह सब बिना बाधा के अच्‍छी तरह से उपलब्‍ध करा सकते हैं। इसके अलावा हम यह भी देखते हैं कि एडवर्टाइजमेंट और यूजर एक्‍सपीरिएंस की इसमें कितनी भूमिका होगी। यदि हम एडवर्टाइजिंग की बात कर कर रहे हैं तो गैर अंग्रेजी डिजिटल पब्लिशर के रूप में आप किस तरह के अवसर और चुनौतियों को देखते हैं? करीब दो साल पहले तक स्थिति बिल्‍कुल अलग थी। एडवर्टाइजर्स हमें बताते थे कि वे हिन्‍दी कंटेंट की ओर ध्‍यान नहीं दे रहे हैं लेकिन यदि आप एडवर्टाइजर्स के नजरयिे से देखें तो यह बहुत आम बात है। वह तो सिर्फ उस तरफ ही जाएंगे जहां पर फायदा होगा और काफी संभावना होगी। उन्‍हें तो सिर्फ अपना कैंपेन सफल करना है फिर चाहे वह किसी भी भाषा में हो। यदि हम प्रिंट की बात करें तो यदि वे किसी महानगर में जाना चाहते हैं तो वे सबसे पहले अंग्रेजी अखबार का चुनाव करेंगे लेकिन यदि वे जयपुर या भोपाल जाना चाहते हैं तो वे पहले हिन्‍दी का चुनाव करेंगे। वहीं टीवी मार्केटर्स ऐसी जगह को प्राथमिकता देते हैं जहां पर उसकी पहुंच सबसे ज्‍यादा होती है। मेरा मानना है कि भाषा सिर्फ हमारे लिए मायने रखती है लेकिन किसी भी एडवर्टाइजर के लिए सिर्फ यह महत्‍वूर्ण होता है कि कैसे उसकी पहुंच ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक हो, फिर चाहे वह किसी भी भाषा में हो। और जब एडवर्टाइजर्स को स्‍थानीय भाषा में ज्‍यादा पहुंच मिलेगी और यह डिजिटल पर होगी तो मुझे लगता है कि प्रिंट के मुकाबले डिजिटल, टेलिविजन के रूट को फॉलो करेगा। फिर इस बात का कोई कारण नहीं है कि एडवर्टाइजिंग इसमें अपनी रुचि क्‍यों नहीं दिखाएगा। आप जब कहते हैं कि डिजिटल, टेलिविजन को फॉलो करेगा तो आपका मतलब क्‍या इसकी पहुंच से है? हां, मेरा आशय इसकी पहुंच से भी है। मुझे लगता है कि डिजिटल में अकेले अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषाएं भी अहम भमिका निभाएंगी। आप देखें कि डिजिटल काफी बड़ा माध्‍यम है लेकिन कैसे यह 500 मिलियन ‍तक अपनी पहुंच बना पाएगा? यह तभी होगा जब हम उन 300 मिलियन लोगों तक भी अपनी पहुंच बना लें जो ऑनलाइन पर स्‍थानीय भाषा में बात कर रहे हैं। नहीं तो यह माध्‍यम उतना आगे नहीं बढ़ पाएगा। आज यदि हम 150 मिलियन ऑडियंस की अपेक्षा करते है, तो इसमें करीब 50 प्रतिशत ऐसे होंगे जो ऑनलाइन स्‍थानीय भाषा में बात करते हैं और य‍ह प्रतिशत आने वाले समय में और बढ़ेगा। आज भी ऑनलाइन में अंग्रेजी भाषी ऑडियंस की संख्‍या ज्‍यादा है। जब भी हम इंटरनेट से नए लोगों को जोड़ने की बात करते हैं तो यह संख्‍या तभी बढ़ेगी जब स्‍थानीय भाषा के ऑडियंस में बढ़ोतरी होगी। अभी हिन्‍दी भाषी ऑडियंस की संख्‍या करीब 60 प्रतिशत होगी। इसलिए मैंने कहा था कि डिजिटल मीडियम में ऑडियंस प्रिंट के मुकाबले टेलिविजन को फॉलो करेगी। क्‍या आप हमें बता सकते हैं कि दैनिक भास्‍कर के पास इस समय कितनी डिजिटल प्रॉपर्टी है और उनके मॉनीटाइजेशन  की क्‍या स्‍ट्रेटजी है?  हमारे पास नौ प्रॉपर्टी हैं जिनमें से पांच काफी प्रमुख हैं। ये हैं ‘dainikbhaskar.com’, ‘divyabhaskar.com’ (गुजराती), ‘Moneybhaskar.com’(यह तीसरी सबसे बड़ी बिजनेस वेबसाइट भी है), ‘Fashion101.com’ और ‘Dailybhaskar.com’ (यह अंग्रेजी में है)। इसके अलावा डिजिटल में हमारे पास कुछ छोटी प्रॉपर्टी जैसे- ‘Bollywoodbhaskar.com’, ‘DBcricket.com’ ‘Jeevan Mantra’ आदि भी हैं। हमारा मानना है कि ‘daiinkbhaskar.com’ हमारी सबसे प्रमुख प्रापर्टी है क्‍योंकि हम चाहते हैं कि हमारी एक वेबसाइट सबसे आगे रहे, जो अभी है। हालांकि दूसरी वेबसाइट अभी नई हैं और आगे बढ़ रही हैं।   आजकल लोगों में विडियो का बहुत क्रेज है, डी‍बी डिजिटल पर आप कैसे इसका लाभ उठाते हैं? हमने करीब दस महीने पहले डीबी विडियो शुरू किया था। हमारे पास अपनी टीम है, अपना स्‍टूडियो है और हम अपने विडियो तैयार करते हैं। हमने न्‍यूज बुलेटिन से शुरू किया था जो इस समय काफी अच्‍छा चल रहा है। ब्रेकिंग न्‍यूज, बॉलिवुड आदि के खास कंटेंट को लेकर हम ढेरों विडियो तैयार करते हैं। विडियो हमारे लिए काफी महत्‍वपूर्ण है और हम इस पर फोकस कर रहे हैं और हमें लगता है कि विडियो काफी लंबा रास्‍ता तय करेगा। यदि हम यूजर के दृष्टिकोण से बात करें तो बैंडविथ (bandwidth) ‍लगातार चुनौती बनी हुई है लेकिन ऑडियोविजुअल काफी आगे बढ़ रहा है। मैंने पि‍छले पाइंट में भी यही बात कही थी कि डिजिटल बिल्‍कुल टीवी की तरह है। यदि आप एक बार ऑडियो-विजुअल कर लेते हैं तो भाषा की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। आप हिन्‍दी, अंग्रेजी अथवा किसी भी दूसरी भाषा में पढ़ें लेकिन आपको हिन्‍दी में विडियो देखना काफी अच्‍छा लगता है। इसलिए विडियो में भाषा के अंतर को काफी कम किया है। आजकल मोबाइल फोन का जमाना है, ऐसे में क्‍या आप हमें बता सकते हैं कि इस मीडियम में आप किस तरह काम कर रहे हैं? मोबाइल हमारे लिए काफी सशक्‍त माध्‍यम बनता जा रहा है। हमारी पूरी रीडरशिप में करीब 60-70 प्रतिशत मोबाइल से आती है और इस साल के अंत तक यह 75-80 प्रतिशत हो जानी चाहिए। ऐसे में हम मोबाइल पर अलग तरह से मोनीटाइज करने का प्रयास कर रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि हम कैसे इसे यूजर्स के लिए और बेहतर बना सकते हैं। हम इस बारे में आपस में भी काफी चर्चा करते रहते हैं।  मोबाइल और डेस्‍कटॉप से मिलने वाले रेवेन्‍यू की तुलना में मोबाइल से मिलने वाले रेवेन्‍यू के बारे में आप क्‍या कहेंगे? हम लगातार इस संबंध में प्रयास कर रहे हैं कि एडवर्टाइजर्स को किस तरह ब्रैंड सॉल्‍यूशन दिया जा सकता है। मोबाइल काफी बड़े पैमाने पर काम कर रहा है और एडवर्टाइजर्स को लिए आपको ब्रैंड एडवर्टाइजिंग की जरूरत होती है। यहीं समस्‍या होती है। यदि हम इस समस्‍या को दूर कर लेते हैं और ब्रैंड मनी आनी शुरू हो जाती है तो मोबाइल की गति भी रफ्तार पकड़ लेगी। यह तब होगा जब काफी पैसा आना शुरू होगा। यदि हम रेवेन्‍यू की बात करें तो हम देखते हैं कि एडवर्टाइजर्स डेस्‍कटॉप को ज्‍यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। कभी न कभी इसमें संतुलन जरूर होगा। आजकल हम देख रहे हैं कि फेसबुक जैसे विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पब्लिशर्स को अपने यहां कंटेंट को होस्‍ट करने के लिए ललायित दिख रहे हैं, आपका इस बारे में क्‍या कहना है ? मुझे लगता है कि आने वाले समय में फेसबुक इंस्‍टेंट आर्टिकल्‍स अथवा गूगल एएमपी के साथ यह काफी कॉम्लिपकेटेड हो जाएगा। ऐसे भी कई लोग होंगे जो कंटेंट को एकत्रित करना चाहते होंगे। आखिर में सभा का एक ही चीज करने का प्रयास करेंगे और वे है यूजर को अच्छा एक्सपीरियंस मिले। मुझे लगता है कि किसी और पर निर्भर होने की बजाय पब्लिशर्स को खुद इसे एक चुनौती के तौर पर लेना चाहिए। यह हमारे लिए आसान होगा।  इस साल आपकी अपने बिजनेस से क्‍या उम्‍मीदें हैं, क्‍या आप हमें इस बारे में बता सकते हैं? हमें अभी काफी मील के पत्‍थर पार करने हैं। बिजनेस को लेकर हमारा सीधा सा सिद्धांत है कि हम अपने कंज्‍यूमर को काफी अच्‍छा प्रॉडक्‍ट देना चाहते हैं ताकि इसको लेकर उनका अनुभव बेहतर रहे। हम कुछ चीजों पर काम कर रहे हैं लेकिन अभी तय नहीं है कि हम इन्‍हें इस साल लॉन्‍च करेंगे। इस साल हमारा सबसे ज्‍यादा फोकस मोबाइल पर है।   समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।



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