हैप्पी बर्थडे अभिषेक उपाध्याय: बदनाम शहर में एक ईमानदार पत्रकार

हैप्पी बर्थडे अभिषेक उपाध्याय: बदनाम शहर में एक ईमानदार पत्रकार

Wednesday, 16 May, 2018

भोला दत्त असनोड़ा ।।

आज मित्र अभिषेक उपाध्याय का जन्मदिन है। अभिषेक के साथ रहने की कई यादें हैं। स्वभाव से हंसमुख, नटखट अभिषेक किसी को भी पहली बार में ही आकर्षित कर देता है। मुख्यधारा की पत्रकारिता में चंद साफ-सुथरे दामन वाले पत्रकारों में एक है अभिषेक। अभिषेक से पहली मुलाकात अच्छी तरह याद है। 14 मई 2003 को कानपुर के अमर उजाला के दफ्तर में हमारी मुलाकात हुई थी। हम दोनों ने साथ ही नौकरी जॉइन की थी। इसीलिए दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई।

अभिषेक के लिए जो नटखट शब्द इस्तेमाल किया उसका पहला परिचय भी दोस्ती के पहले सप्ताह में ही मिल गया। अभिषेक कानपुर में कमरा ले चुका था। मैंने भी उससे कमरा दिलाने को कहा। अभिषेक मसखरी करते हुए झोपड़-पट्टी में ले गया। वहां बाकायदा किराये के कमरे के लिए बात करने लगा। मैं खीझता हुआ उससे वहां से चलने को कह रहा था। फिर बारिश में भीगते हुए हम दोनों अभिषेक के घर पहुंचे। अभिषेक ने अपनी बिल्डिंग में ही कमरा दिला दिया। इसके बाद तो रोज जो शैतानियां अभिषेक करता वो कभी हंसाती तो कभी प्यार भरा गुस्सा दिलातीं। मैं अपने कमरे में कम अभिषेक के कमरे में ज्यादा रहता। खाना भी साथ ही होता था।

कानपुर प्रवास के दौरान अभिषेक के व्यक्तित्व के कई रंग देखने को मिले। एक जवान लड़का कैसे जमीन से जुड़ा रह सकता है ये अभिषेक में देखने को मिला। गरीबों और मजबूर लोगों के लिए उसके दिल में जो प्यार है उसके कई बार दर्शन हुए। एक बार दिसंबर के महीने में हम लोग रात के 1 बजे ऑफिस से घर जा रहे थे। गोविंदनगर पुल के नीचे एक भिखारी ठंड में ठिठुर रहा था। अभिषेक से ये देखा नहीं गया। उसने अपनी दो दिन पहले ही खरीदी गई जैकेट भिखारी को दे दी। घर आकर पत्नी की जो डांट पड़ी उसे हंसते हुए झेल गया। अक्सर हम लोग होटल में खाना खाते तो किसी भिखारी को देखकर उसका मन पसीज जाता। उसे खिलाये बिना अभिषेक का मन न मानता।

जमीन से जुड़ा होने के साथ ही अभिषेक में आत्मसम्मान कूट-कूटकर भरा है। एक बार कानपुर दफ्तर में कुछ चापलूसों ने संपादक से अभिषेक की झूठी शिकायत कर दी। सुबह की मीटिंग में जब अभिषेक पहुंचा तो पहले से ही भरे पड़े संपादक ने उसे डांटना शुरू कर दिया। संपादक ने यहां तक कह दिया कि तुम कहीं और नौकरी ढूंढ लो। जब अभिषेक को बात समझ में आई तो वो खड़ा हुआ और संपादक को नमस्कार कर मीटिंग से चल दिया। तीन दिन तक ऑफिस नहीं आया। तीसरे दिन शाम को संपादक ने अभिषेक को फोन करके पूछा कि दफ्तर क्यों नहीं आ रहे। अभिषेक ने कहा- आपने ही तो कहा था कि कहीं और नौकरी ढूंढ लो, इसलिए नौकरी ढूंढ रहा हूं। संपादक ने आग्रह पूर्वक अभिषेक को वापस दफ्तर बुलाया और काम करने को कहा।

अभिषेक में खुद से कुछ करने का जैसे जुनून सवार है। पिता वैज्ञानिक थे। सर्विस के दौरान ही उनकी मौत हो गई। मृतक आश्रित में अभिषेक को नौकरी मिल गई। लेकिन अभिषेक ने वो नौकरी करने की बजाय अपने लिए संघर्ष का रास्ता चुना और पत्रकारिता की दुनिया में आ गया। जात-पांत और धर्म में भेदभाव नहीं करने वाले अभिषेक ने अंतरजातीय विवाह कर मिसाल पेश की।

काम का जुनून ऐसा कि बीमार होने के बावजूद रिपोर्टिंग को जाता। एक बार जून के महीने में भीषण गर्मी पड़ रही थी। अभिषेक को 102 डिग्री बुखार था। मैंने उसे आराम करने को कहा। लेकिन अभिषेक नहीं माना और तपते बुखार में ही रिपोर्टिंग को निकल गया। अफसरों की चापलूसी और जी-हुजूरी से उसे सख्त परहेज है। इसीलिए वो बहुत कम छुट्टियां लेता था। किताबें पढ़ने का इतना शौक कि हर वक्त हाथ में कोई न कोई किताब रहेगी। खुद को अपडेट रखने के लिए हमेशा तत्पर रहता है अभिषेक।

बड़े पद पर रहते हुए भी उसे उच्च वर्ग वाली सुख-सुविधाएं कभी लुभा नहीं पाईं। इसी साल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक कवर करने अभिषेक हैदराबाद आया। वो चाहता तो कंपनी के दिए अच्छे होटल में रह सकता था। लेकिन उसने हमारे घर रहना पसंद किया। हम लोग जमीन पर बिछे बिस्तर पर लेटकर देर रात तक बातें करते और सो जाते।

आज जब घास छीलने वाले पत्रकार भी बड़े नेताओं, अफसरों और बिजनेसमैन से दोस्ती को अपना स्टेटस सिंबल समझते हैं, तब विभिन्न संस्थानों में रहते हुए बड़ी-बड़ी ख़बरें ब्रेक करने वाला अभिषेक आम आदमी से दोस्ती को ही अपनी असली पूंजी समझता है। आज भी सपड़-सपड़ कर घी के साथ दाल-चावल खाना और सुड़ुक-सुड़ुक की आवाज के साथ चाय पीना वाकई में अभिषेक को सबसे अलग खड़ा करता है। दोस्त ऐसे ही बने रहना। यही तुम्हारी असली पहचान है।


समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी रायसुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 



पोल

रात 9 बजे आप हिंदी न्यूज चैनल पर कौन सा शो देखते हैं?

जी न्यूज पर सुधीर चौधरी का ‘DNA’

आजतक पर श्वेता सिंह का ‘खबरदार’

इंडिया टीवी पर रजत शर्मा का ‘आज की बात’

न्यूज18 हिंदी पर किशोर आजवाणी का ‘सौ बात की एक बात’

एबीपी न्यूज पर पुण्य प्रसून बाजपेयी का ‘मास्टरस्ट्रोक’

एनडीटीवी इंडिया पर रवीश कुमार का ‘प्राइम टाइम’

न्यूज नेशन पर अजय कुमार का ‘Question Hour’

Copyright © 2017 samachar4media.com