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पढ़ें, इंडियन एक्सप्रेस की डिजिटल विंग ‘Express Digital’ के CEO संदीप अमर के ‘मन की बात’…

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समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह इंडियन एक्सप्रेस की डिजिटल विंग ‘एक्‍सप्रेस डिजिटल’ (Express Digital) के सीईओ संदीप अमर की बात करें तो उनका काम करने का तरीका काफी अलग है और वह चीफ एग्जिक्‍यूटिव ऑफिसर की परंपरागत छवि से बंधकर रहने वाले व्‍यक्ति नहीं हैं।

sandeep1नोएडा के सेक्‍टर 10 स्थित एक्‍सप्रेस बिल्डिंग में ‘एक्‍सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) को उनसे बात करने का मौका मिला। कॉफी की चुस्कियों की जगह डाइट कोक पसंद करने वाले अमर ने इस दौरान बताया कि वह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे की रूटीन नौकरी को फॉलो नहीं करते हैं बल्कि अपने अंदाज में काम करते हैं। एक्‍सप्रेस डिजिटल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आमतौर पर वे आधी रात के बाद काम करते हैं।

अमर का कहना है, ‘मेरी फिलॉसफी काम में खुद को झोंक देना है (My philosophy is burn out than fade away) और मैं इसी तरह से काम करना पसंद करता हूं।

दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के फैकल्‍टी ऑफ मैनेजमेंट (FMS) से पढ़ाई करने वाले अमर ने जून में एक्‍सप्रेस डिजिटल में बतौर सीईओ कार्यभार संभाला था। उन्‍होंने हंसराज कॉलेज से केमिस्‍ट्री की पढ़ाई की है और वह खुद को गर्व से फिल्‍म अभिनेता ‘शाहरूख खान’ का जूनियर कहते हैं। एक्‍सप्रेस को जॉइन करने से पहले अमर ‘Zee Media’ के जाइंट वेंचर ‘India.com’ में सीईओ थे।

इसकी सफलता को अमर के प्रोफेशनल कॅरियर की सबसे बड़ी उप‍लब्धि माना जाता है। वह रोजाना दिल्‍ली के पीतमपुरा से कैब लेकर अपने ऑफिस आते हैं। अमर के दिमाग में सिर्फ एक ही फोकस रहता है कि कैसे भी उन्‍हें छह महीने में रेवेन्‍यू को दोगुना करना है।

 डिजिटल स्‍पेस (The digital space)

‘एक्‍सप्रेस डिजिटल’ के लिए उनके मूल ब्रैंड इंडियन एक्सप्रेस का पुराना मंत्र ‘journalism of courage’ ही सर्वोपरि रहा है। अमर ने कहा कि वे रिपोटर्स की स्‍टोरी को दफन (bury) नहीं करते हैं चाहे उसमें कितना ही रिस्‍क क्‍यों न हो।

अमर ने कहा, ‘यह बिजनेस की मूलभूत बातें हैं’। उन्‍होंने बताया कि एक्‍सप्रेस बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पर वेब एडिटर्स बैठते हैं और यहीं से एक्‍सप्रेस ग्रुप की विभिन्‍न वेबसाइट्स को मैनेज करते हैं। ज्‍यादातर उनका काम इंडियन एक्‍सप्रेस की मेन वेबसाइट पर वायर (wire) की कॉपी अपलोड करने के इर्द-गिर्द ही घूमता है हालांकि इंडियन एक्‍सप्रेस की वेबसाइट पर एक्‍सक्‍लूसिव कंटेंट की कोई कमी नहीं है।

sandeep2उन्‍होंने बताया कि पिछले छह महीने में 100 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली है और इसके ऑरिजनल कंटेंट में भी काफी वृद्धि हुई है। डिजिटल मीडिया को वायर (wire) से काफी मदद मिलती है और प्रिंट न्‍यूज की स्‍टोरी वेबसाइट के लिए बेमतलब (irrelevant) रहती है। अमर ने बताया, ‘सिर्फ इंडियन एक्‍सप्रेस पर ही हम रोजाना 200 स्‍टोरी कर रहे हैं।’

इंडियन एक्‍सप्रेस द्वारा विभिन्‍न टीवी धारावाहिक जैसे ‘ये रिश्‍ता क्‍या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) के सारांश (summaries) को प्रकाशित करने के बारे में अमर ने कहा, ‘हमने इसे इसलिए प्रकाशित किया क्‍योंकि यह मांग कई लोगों की ओर से उठ रही थी। न सिर्फ टीवी सीरियल्‍स बल्कि इंडियन एक्‍सप्रेस बॉलिवुड अभिनेत्रियों जैसे सनी लियोनी की बोल्‍ड इमेज भी पब्लिश कर चुका है।’

इस पहल का समर्थन करते हुए अमर ने कहा कि इस प्रोजेक्‍ट में जुही चावला और पूजा भट्ट की फोटो भी शामिल हैं। एश्‍वर्या राय पर की गई एक स्‍टोरी को दिखाते हुए उन्‍होंने दिखाया कि कैसे इसे इतने ज्‍यादा शेयर मिले। उनका कहना था कि ऐसे कामों की डिमांड रहती है और उसके दर्शक भी बहुत ज्‍यादा है लेकिन वेबसाइट किसी की छवि को धूमिल नहीं कर रही है। अमर का कहना है कि देश के लिए बॉलिवुड, क्रिकेट और हार्ड न्‍यूज काफी मायने रखती हैं।

एक्‍सप्रेस की मेन वेबसाइट पर यह भी आरोप लगते रहते हैं कि इसके विडियो में कोई नई बात नहीं रहती है। ज्‍यादातर विडियो इनहाउस तैयार किए जाते हैं और हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स के विपरीत एक्‍सप्रेस ने कई विडियो स्‍टोरी मौके पर जाकर तैयार नहीं की हैं। इस बारे में अमर का कहना है कि व्‍युअर्स के लिए बेहतर ईवनिंग शो तैयार करने पर फोकस है और इस पर चर्चा जारी है।

रेवेन्‍यू जुटाना ही प्राथमिकता (Revenue creation is the focus)

अमर का फोकस इस समय मोबाइल फोन प्रोवाइडर्स और फाइनेंसियल दिग्‍गजों से एडवर्टाइजिंग के द्वारा रेवेन्‍यू जुटाना है। रेवेन्‍यू को लेकर बात करें तो एक्‍सप्रेस डिजिटल प्रॉफिटेबल कंपनी है। अमर का दावा है कि इस कंपनी का ग्रोथ रेट 100 प्रतिशत रहेगा। रेवेन्‍यू के आंकड़ों का खुलासा करने से इनकार करते हुए अमर ने कहा, ‘पिछली साल के मुकाबले इस साल हमारी ग्रोथ डबल रहेगी।’

हालांकि नोटबंदी (demonetisation) से अमर की इस योजना को झटका लग सकता है, क्‍योंकि मार्केट में नोटों की किल्‍लत से एडवर्टाइजर्स से रेवेन्‍यू जुटाना काफी मुश्किल होगा। मीडिया बायर्स (Media buyers) पहले ही आगाह कर चुके हैं कि कुल विज्ञापन खर्च (total ad spends) में कमी आ सकती है। लेकिन अमर ने इस बात पर जोर दिया कि ‘लोगों ने अपने गैर जरूरी खर्चों में कटौती कर दी है और इस पर तुरंत प्रभाव नहीं पड़ेगा क्‍योंकि लोगों का बजट वही है।’

sandeepऑटो सेक्‍टर से आ रहे एडवर्टाइजिंग की ओर इशारा करते हुए अमर ने कहा, ‘कई मामलों में एडवर्टाइजिंग का प्रतिशत बढ़ा है। एक्‍सप्रेस डिजिटल की बात करते हुए अमर ने कहा कि एडवर्टाइजर्स अपनी परचेज को कैंसल करने अथवा टालने के प्रति गंभीर नहीं हैं, साथ ही उन्‍होंने यह चिंता भी जताई कि अगले वित्‍त वर्ष में निवेश (investment) थोड़़ा कम हो सकता है। हालांकि उन्‍हें उम्‍मीद है कि यह ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण नहीं होगा। अमर का कहना है, ‘अगले तीन महीनों में नोटबंदी का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। इसके बाद सरकार के निर्णय का असर दिखाई देगा। अमर ने कहा, ‘मुझे अपने टार्गेट को बदलने अथवा उसे दोबारा से सेट करने की जरूरत नहीं है। मेरा टार्गेट रेवेन्‍यू को डबल करना है और मुझे इसी दिशा में काम करना पसंद है।’

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