मीडिया सेक्‍टर ने साढ़े तीन साल में एफडीआई से जुटाई इतनी रकम...

मीडिया सेक्‍टर ने साढ़े तीन साल में एफडीआई से जुटाई इतनी रकम...

Friday, 29 December, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

प्रिंट मीडिया समेत सूचना और प्रसारण सेक्‍टर में प्रत्‍यक्ष विदेश निवेश (FDI) का आंकड़ा लगतार बढ़ता जा रहा है। इस सेक्‍टर ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में करीब 3.14 बिलियन डॉलर एफडीआई को आकर्षित करने में कामयाबी हासिल की है। वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने संसद में यह जानकारी दी है।

मंत्रालय के अनुसार, वित्‍तीय वर्ष 2018 की पहली छमाही में सेक्‍टर ने 363.75 मिलियन डॉलर के निवेश को आकर्षित किया है। इस सेक्‍टर में सबसे ज्‍यादा एफडीआई की बात करें तो वित्‍तीय वर्ष 2017 में यह सबसे अधिक 1.5 बिलियन डॉलर रहा है। वित्‍तीय वर्ष 2016 में यह निवेश 1.09 बिलियन डॉलर पहुंच गया था लेकिन वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा पिछले साढ़े तीन वर्षों में सबसे कम यानी मात्र 254.96 मिलियन डॉलर ही रहा था। 

 वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने संसद को यह भी बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) से संबंधित आठ एफडीआई प्रस्‍ताव अभी लंबित पड़े हुए हैं। सूचना एवं प्रसारण सेक्टर की बात करें तो पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई बड़ी डील हुई हैं। इनमें स्‍टार इंडियाद्वारा 346 मिलियन डॉलर में मां टीवी नेटवर्क्‍सके ब्रॉडकास्‍ट बिजनेस का अधिग्रहण, ‘स्‍टारद्वारा 50 मिलियन डॉलर में एशियानेटके 13 प्रतिशत शेयरों का अधिग्रहण, मीडिया कंपनी जी ऐंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेडके स्‍पोर्ट्स चैनल टेन स्‍पोर्ट्सका 366.32 मिलियन डॉलर में सोनी पिक्‍चर्स नेटवर्क्‍स इंडियाद्वारा किया गया अधिग्रहण और सिल्‍वर ईगलद्वारा 300 मिलियन डॉलर में विडियोकॉन डीटूएचमें 33.5 प्रतिशत हिस्‍सेदारी का अधिग्रहण शामिल है।

गौरतलब है कि देश में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की कवायद के तहत नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार ने टीवी न्‍यूज और एफएम रेडियो में सरकारी मंजूरी के तहत एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत कर दी थी।

इसके साथ ही प्रसारण कैरिज सेवाओं- केबल टीवी, डायरेक्‍ट टू होम और मोबाइल टीवी में एफडीआई की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई थी। नॉन न्‍यूज चैनलों को एफडीआई के लिए स्‍वचालित मार्ग के तहत लाया गया था जबकि प्रिंट मीडिया में एफडीआई को 26 प्रतिशत पर ही छोड़ दिया गया था और उससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी।

इसके बाद जून 2016 में सरकार ने प्रसारण कैरिज सेवाओं के लिए एफडीआई पॉलिसी में बदलाव कर स्‍वचालित मार्ग के तहत 100 प्रतिशत की मंजूरी प्रदान कर दी थी। इससे पहले की पॉलिसी में इस सेक्‍टर के लिए एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत तक थी। हालांकि, कंपनी में 49 प्रतिशत से अधिक नए विदेशी निवेश के लिए लाइसेंस अथवा अनुमति की आवश्‍यकता नहीं है लेकिन कंपनी के स्‍वामित्‍व ढांचे में बदलाव अथवा वर्तमान निवेशक द्वारा शेयरों को नए विदेशी निवेशक को ट्रांसफर करने के लिए सरकारी की अनुमति लेनी जरूरी होगी।



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