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सरकार के साथ IBF की बैठक में इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा…

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समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

ब्रॉडकास्टिंग सेक्‍टर के कई महत्‍वूपर्ण मुद्दों पर वित्‍त मंत्री अरुण जेटली और वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (IBF) की बातचीत हुई। बजट से पूर्व सलाह लेने के लिए वित्‍तमंत्री ने शनिवार को दिल्‍ली में कई स्‍टेकहोल्‍डर्स (stakeholders) की यह बैठक बुलाई थी।

punit इस बारे में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (IBF) के प्रेजिडेंट पुनीत गोयनका ने मीडिया को बताया, ‘मुझे इस बात की काफी खुशी है कि इस बैठक में वित्‍त मंत्री और वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ ब्रॉडकास्टिंग सेक्‍टर के भी कई महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। इनमें पॉलिसी और टैक्‍स के मुद्दे भी उठाए गए।’ उन्‍होंने बताया कि ब्रॉडकास्टिंग सेक्‍टर को इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर स्‍टेटस (infrastructure status) उपलब्‍ध कराने की मंजूरी समेत कंटंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन का मामला भी इस बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। एक बार इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर स्‍टेटस को मंजूरी मिलने के बाद ब्रॉडकास्‍टर्स और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन प्‍लेटफार्म के पास देश में डिजिटलीकरण (digitization) के उद्देश्‍य को पूरा करने के लिए काफी और सुगम वित्‍तीय ऑप्‍शंस होंगे।

इस बैठक के दौरान ‘आर्इबीएफ’ के सेक्रेटरी जनरल गिरीश श्रीवास्‍तव ने कहा, ‘ब्रॉडकास्टिंग और कंटेंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर देश के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है जैसे- टेलिकॉम आदि। डिजिटल टेलिविजन सिगनल्‍स देने के अलावा यह ब्रॉडब्रैंड सर्विस को डिलीवर करने में भी काफी महत्‍पवूर्ण निभा सकता है। इसके अलावा यह सरकार की ई-गवर्नेंस योजना को आगे बढ़ाने में भी अहम योगदान दे सकता है। एक बार इसकी शुरुआत होने के बाद ब्रॉडकास्‍ट सर्विस जीएसटी (GST) और दूसरे टैक्‍सों की वसूली में काफी अहम योगदान देंगी।   ’

बैठक में टैक्‍स के मसले पर चिंता भी जताई गई। इसमें बताया गया कि यदि किसी विदेशी कंपनी के भारतीय कंपनी में शेयर हैं तो इस कंपनी को दूसरी कंपनी में मिलाने पर टैक्‍स का मामला स्‍टेकहोल्‍डर्स के हाथ में होता है और टैक्‍स को लेकर कई समस्‍याएं आती हैं।

वहीं ‘ZEE’ नेटवर्क के प्रेजिडेंट ए मोहन ने बताया, ‘हमने टैक्‍स और रेगुलेटरी को लेकर अपनी कई प्रमुख मांगें इस बैठक में रखीं, जिन पर सरकार ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है। यदि ऐसा होता है तो यह अपने देश में बिजनेस करना आसान बनाने की दिशा में एक अच्‍छा उदाहरण होगा।’

इसके बाद उन्‍होंने कहा, ‘आज के समय में टेलिविजन लोगों की जिंदगी का एक अहम हिस्‍सा बन चुका है और यह जरूरी सेवा की तरह हो गया है क्‍योंकि इससे सूचनाओं की प्राप्ति के साथ यह लोगों के लिए मनोरंजन प्राप्‍त करने का साधन भी बन चुकी है। ऐसे में इसे आवश्‍यक सेवा मानते हुए जीएसटी में ब्रॉडकास्टिंग और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन सर्विस के रेट भी कम होने चाहिए, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक इसकी पहुंच बनाई जा सके।’

किसी विदेशी कंपनी द्वारा भारतीय कंपनी और किसी दूसरी विदेशी कंपनी में शेयर रखने के मामले में टैक्‍स के मुद़दे पर ‘Star India’ के सीएफओ संजय जैन का कहना था, ‘सरकार को इस बारे में संशोधन लाना चाहिए और शेयरधारकों को कुछ छूट देनी चाहिए। जब तक इस मामले में शेयरधारकों को छूट नहीं मिलेगी, इस तरह की कंपनियों को मिलाना सही नहीं होगा।’

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