आपराधिक साजिश में फंसे इस न्यूज चैनल का लाइसेंस हो सकता है कैंसिल! आपराधिक साजिश में फंसे इस न्यूज चैनल का लाइसेंस हो सकता है कैंसिल!

आपराधिक साजिश में फंसे इस न्यूज चैनल का लाइसेंस हो सकता है कैंसिल!

Thursday, 23 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

केरल सरकार ने उन टेलिविजन चैनलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है जो मीडिया आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं और राज्य में ब्लैकमेलिंग के जरिए पत्रकारिता करते हैं।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने यह घोषणा की कि बुधवार को मंत्रिपरिषद ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति पी.एस. एंटनी आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया हैजो पूर्व परिवहन मंत्री ए.के. शशिन्द्रन के खिलाफ ‘हनी ट्रैप’ की जांच कर रही थी। इस आयोग ने अपने सुझाव में मंगलम टीवी के प्रसारण लाइसेंस भी सूचना-प्रसारण मंत्रालय से रद्द करने की सिफारिश की है।

आयोग की 405 पन्ने की रिपोर्ट दो खंड में है, जिसमें आयोग ने 16 सुझाव दिए हैं। इन सुझावों में चैनल के सीईओ आर. अजीत कुमार के खिलाफ पत्रकारिता की नैतिक मानकों का उल्लंघन और 70 साल के मंत्री को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाकर आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया है।

वहीं इस मामले हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया से बात करते हुए चैनल के सीईओ अजीत कुमार ने आयोग की सिफारिश ‘एकतरफा’ बताया और कहा कि हमारी ओर से तो सवाल-जवाब (cross examination) करने की अनुमति ही नहीं दी गई। उन्होंने आयोग की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग सही तरह से जांच नहीं की कि वह उनकी (ए.के. शशिन्द्रन) आवाज थी।

मंगलम चैनलइस साल मार्च में लॉन्च हुआ था और लॉन्चिंग के दिन ही चैनल ने ऑडियो क्लिप प्रसारित करते हुए दावा किया था एलडीएफ मंत्रालय में एनसीपी के मंत्री रहे शशीन्द्रन ने टेलिफोन पर कामुक आवाज में एक महिला से आपत्तिजनक बातें की।  चैनल ने यह भी दावा किया था कि महिला एक गृहिणी थी जिसने अपनी कुछ समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री को फोन किया था।

हालांकि 26 मार्च को ऑडियो क्लिप सार्वजनिक होने के दो घंटे बाद ही नैतिकता के आधार पर शशीन्द्रन ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने शशीन्द्रन के खिलाफ लगे आरोपों की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया था।

पिनाराई सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति पी.एस. एंटनी की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का गठन किया, जिसने स्टिंग ऑपरेशन करने वाले चैनल द्वारा संचालित ‘हनी ट्रैप’ के आपराधिक साजिश की जांच की। हालांकि इस मामले में ‘मंगलम टीवी’ के सीईओ आरअजीत कुमार सहित पांच पत्रकारों को गिरफ्तार भी किया गया।

हालांकि आयोग की रिपोर्ट ने पूर्व मंत्री शशीन्द्रन को बरी तो कर दिया है, लेकिन उन पर पत्रकार के साथ बातचीत करते समय सतर्क नहीं रहने का आरोप लगाया है।

वहीं न्यूज चैनल के कार्यालय पर पुलिस द्वारा दो बार छापा मारे जाने के बावजूद भी ऑडियो टेप की क्लिप का पता नहीं लगाया जा सका है।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि अब आगे मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति न्यायिक आयोग के सुझावों पर विचार करेगी।

अपनी जांच में फिलहाल आयोग ने पाया कि चैनल रेटिंग में आने और पब्लिक का ध्यान अपनी ओर खींचने के इरादे से ही ‘हनी ट्रैप’ वाले इस आपराधिक साजिश में शामिल हुआ था।

पुलिस फिलहाल आईपीसी की धारा 120बी201294463464469 और 470 के तहत मंगलम टीवी और उसकी मूल कंपनी के खिलाफ मामले दर्ज करेगी। वहीं मामले की सुनवाई के लिए सरकार कोच्चि में साइबर क्राइम के तहत एक विशेष अदालत भी गठित करेगी।

सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि न्यायिक आयोग द्वारा सभी आरोपों से दोषमुक्त किए जाने के बाद अब ए.के. शशीन्द्रन फिर से मंत्रालय में वापस आ सकते हैं यदि उनकी पार्टी एनसीपी उन्हें फिर से नामित करे तो।

मुख्यमंत्री द्वारा कही इस बात पर अजीत कुमार ने कहा कि हमारा इरादा उन्हें मंत्री पद से दूर करने का नहीं था। हम मंत्री पद पर उनका स्वागत करते हैं। लेकिन हमें विश्वास है कि हमने जो भी किया सही काम किया। 

हालांकिमीडिया रिपोर्टों के मानें तो टीवी चैनल ने पहले ऑडियो क्लिप प्रसारित करने के लिए माफी मांग ली थी और यह स्वीकार किया था कि यह एक ‘स्टिंग आपरेशन’ थाजिसमें एक महिला पत्रकार शामिल थी और वह गृहिणी नहीं थीजैसा कि उसने पहले दावा किया था।

 

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