जानिए, कितनी तेजी से हो रही है मोबाइल ऐड इंडस्ट्री की ग्रोथ

जानिए, कितनी तेजी से हो रही है मोबाइल ऐड इंडस्ट्री की ग्रोथ

Friday, 13 October, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।


आजकल मोबाइल का जमाना है। जिसे देखो वही मोबाइल में जुटा हुआ है। ऐसे में विज्ञापन कंपनियों को भी प्रचार के लिए यह माध्‍यम औरों से ज्‍यादा बेहतर लग रहा है और इस पर विज्ञापन खर्च (ad spends)  भी लगातार बढ़ता जा रहा है।


मोबाइल पर विज्ञापन खर्च की बात करें तो पिछले पांच साल में अन्‍य माध्‍यमों की तुलना में इसका ग्रोथ रेट काफी अधिक रहा है। यदि इसकी यही रफ्तार रही तो वर्ष 2020 तक ‘आउट ऑफ होम’ (OOH) और ‘रेडियो’ पर विज्ञापन खर्च को मिला भी दिया जाए तो मोबाइल पर विज्ञापन खर्च इनसे ज्‍यादा होने का अनुमान है।


मोबाइल ऐडवर्टाइजिंग इंडस्‍ट्री में हुई ग्रोथ व नए ट्रेंड्स को दर्शाने वाली
 ‘एक्‍सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) की वार्षिक रिपोर्ट 11 अक्‍टूबर 2017 को ‘मैडीज 2017’ (Maddies 2017) के मौके पर उजागर की गई। ‘एक्‍सचेंज4मीडिया’ द्वारा मीडिया बायर्सऐडवर्टाइजर्स के साथ ही मोबाइल और डिजिटल एजेंसियों से गहन विचार विमर्श के बाद इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है।

 

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2017 में मोबाइल पर विज्ञापन खर्च में 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह करीब 2230 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। वर्ष 2018 में इसमें 65 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में वर्ष 2018 के अंत तक मोबाइल पर विज्ञापन खर्च की राशि करीब 4000 करोड़ रुपये पहुंचने की उम्‍मीद है।


इससे पूर्व
 ‘पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग आउटलुक’ (PMAO) 2017 की रिपोर्ट में ‘OOH’ में 11 प्रतिशत और रेडियो में करीब 15 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया था। इस ग्रोथ रेट के हिसाब से ‘OOH’ सेक्‍टर में वर्ष 2020 तक विज्ञापन खर्च 4423 करोड़ और रेडियो सेक्‍टर में 3053 करोड़ रुपये हो जाना चाहिए। दूसरी तरह मोबाइल पर विज्ञापन खर्च अगले तीन वर्षों तक लगातार 68 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ने का अनुमान लगाया गया था। इस हिसाब से वर्ष 2020 तक यह इंडस्‍ट्री 10584 करोड़ रुपये की हो जाएगी।

इसके बावजूदअभी भी यह अनुमान लगाया जा रहा है कि निकट भविष्‍य में कुल ऐडवर्टाइजिंग में मोबाइल की हिस्‍सेदारी काफी कम होगीवहीं वर्ष 2017 में डिजिटल विज्ञापन खर्च की बात करें तो मोबाइल पर विज्ञापन खर्च करीब 32 प्रतिशत होगा। रिपोर्ट के अनुसारदेश भर में कुल विज्ञापन खर्च की बात करें तो डिजिटल पर यह 15 प्रतिशत होगा। इसका मतलब है कि कुल विज्ञापन खर्च में मोबाइल पर विज्ञापन खर्च करीब 3.8 प्रतिशत होगा।


हालांकि
रिपोर्ट के अनुसार तो यह ग्रोथ अच्‍छी लग रही है लेकिन इंडस्‍ट्री को अभी भी तमाम बाधाओं को पार करने की जरूरत है। इनमें सबसे पहला इश्‍यू तो ‘attribution’ का हैजिसका इंडस्‍ट्री के दिग्‍गज जैसे ‘गूगल’, ‘फेसबुक’ आदि के प्रयासों के बावजूद अभी भी निश्चित हल नहीं निकला है।


गौरतलब है कि मोबाइल ऐडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में किए गए बेहतरीन कार्यों को प्रोत्‍सा‍हन देने व उन्‍हें सम्‍मानित करने के लिए
 ‘एक्‍सचेंज4मीडिया’ ग्रुप द्वारा हर साल मैडीज अवार्ड्स (Maddies Awards)  दिया जाता है। 

 

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