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दैनिक भास्कर संग मुकेश अंबानी का खास इंटरव्यू, बड़े बदलाव पर की बातचीत

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समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

‘जियो’ की कामयाब लॉन्चिंग से इंटरनेट मार्केट में नया दौर आया है। देश के सबसे बडे उद्योगपति मुकेश अंबानी इसे लेकर आजकल खासा उत्साहित है। अभी पिछले महीने एनडीटीवी 24X7 पर मशूहर पत्रकार शेखर गुप्ता के साथ उन्होंने खास बात की। टीवी के बाद अब मुकेश अंबानी ने प्रिंट मीडिया से बात करने के लिए देश के नंबर वन मीडिया समूह दैनिक भास्कर को चुना।

‘दैनिक भास्कर समूह’ के  एडिटोरियल डायरेक्टर डॉ. भारत अग्रवाल ने रिलांयस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से विशेष बातचीत की। बिजनेस टाइकून से साथ डॉ. भारत की ये बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि डॉ. भारत ने जिस तरह पॉइंट टू पॉइंट बात की और जिस तरह से ये इंटरव्यू लिखा वो बिजनेस न समझने वाले लोगों ने भी पसंद किया। सोशल मीडिया पर चर्चित इस इंटरव्यू में मुकेश अंबानी ने यहां मार्केट की स्ट्रैटजी से लेकर परिवार तक, सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश…

Q.मोबाइल इंटरनेट देश में कैसा बदलाव लाएगा। जियो की इसमें क्या भूमिका होगी?

मुकेश अंबानी :इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन के बाद मोबाइल इंटरनेट रेवोल्यूशन सबसे बड़ा है। अगले 30 साल में दुनिया ऐसे बड़े बदलाव देखेगी, जो 300 साल में नहीं हुए। जियो हमें जिंदगी पर बेहतर कंट्रोल देगा।

Q.आपने कहा कंट्रोल। क्या जेब में इंटरनेट रखकर व्यक्ति जीवन को कंट्रोल कर सकता है?  हम किसी पर क्यों निर्भर mukesh-ambaniरहें?

मुकेश अंबानी :जब मैं यंग था, उस वक्त इंटरनेशनल अखबार को भारत आने में 10 दिन लग जाते थे। आज इंटरनेट पर हम रियल टाइम में कुछ भी पढ़ सकते हैं। आज यूथ अपने मैसेज फेसबुक और यू-ट्यूब के सर्वर पर शेयर कर रहे हैं। यही फ्यूचर है।

Q.पहली बार एंटरप्रेन्योर बनने वाले देश के युवाओं को आप क्या सलाह देंगे?

मुकेश अंबानी :हमेशा कस्टमर्स के नजरिए से देखो, आप उनकी क्या दिक्कत दूर कर सकते हो। प्लानिंग करें, फिर अपना टारगेट हासिल करने की हर मुमकिन कोशिश करें। अगले 10-15 साल सुनहरे हैं।

Q.आप पढ़ने के लिए कितना वक्त देते हैं?

मुकेश अंबानी :मेरी पढ़ाई का दायरा काफी बड़ा है। मैं अध्यात्म, टेक्नोलॉजी, मीडिया और एंटरटेनमेंट से जुड़ी चीजें पढ़ता हूं।

Q.टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के जमाने में कोई दूसरी कंपनी भी जियो की तरह कर सकती है। आप इसका सामना कैसे करेंगे? वो भी तब जब आप 15 अरब डॉलर का स्टार्टअप हैं…

मुकेश अंबानी :आपने सही कहा। टेक्नोलॉजी के बिजनेस में हमें हमेशा ऐसी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। पहले से तैयारी होती है और बदलाव करने होते हैं। हमारा बेस हमारी टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर है। जियो पूरी तरह 4जी नेटवर्क है और दुनिया के सबसे एडवांस नेटवर्क में से है। इसे 5जी और 6जी टेक्नोलॉजी में अपग्रेड किया जा सकता है। देश में अभी ऐसा कोई दूसरा नेटवर्क नहीं है, जो इस तरह काम कर रहा हो।

ambaniQ.लेकिन बाकी टेलिकॉम कंपनियां तो जियो पर पलटवार कर रही हैं। आप इंटर कनेक्टिविटी के मुद्दे से कैसे निपटेंगे?

मुकेश अंबानी :हर शुरुआत में ऐसी दिक्कतें आती ही हैं। जीवन के अलग-अलग दौर में हम इनका सामना करते ही हैं। धीरूभाई का इन बातों को लेकर बहुत ही दिलचस्प नजरिया था। वो कहते थे कि मुंबई की लोकल ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने वाले शख्स को भी अंदर बैठे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर आपके दिमाग में कोई टारगेट है, तो आप ट्रेन में बैठने में कामयाब हो ही जाएंगे। यही बात कई मामलों में हमारी गवर्निंग लाइन रहती है।

Q. फ्री कॉलिंग और सस्ता डाटा तो यूजर्स के लिए अच्छी खबर है, लेकिन कनेक्टिविटी स्पीड का क्या? इसे लेकर क्या करेंगे?

मुकेश अंबानी : हमारी पहली प्रायोरिटी हर भारतीय तक पहुंचना है, साथ ही इंटरनेट तक उनकी पहुंच बनाना है। जियो के लाखों कस्टमर आज रोजाना दूसरे नेटवर्क की तुलना में कई गुना ज्यादा डाटा का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही सबसे बड़ा सबूत है कि हमारा बेस नेटवर्क अच्छे से काम कर रहा है। स्पीड कोई मुद्दा नहीं है। मुद्दा यह है कि हमारी सर्विस आपके लिए क्या कर रही है।

Q. ऐसा कहा जा रहा है कि जियो यूजर्स एवरेज 26 जीबी डाटा हर महीने इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि इंडस्ट्री का एवरेज इस्तेमाल हर महीने 1 जीबी से भी कम है। इससे जियो का फाइनेंशियल रिटर्न तय प्लान से काफी पहले किस तरह हासिल किया जा सकेगा?
मुकेश अंबानी : जैसा कि मैंने बताया, कस्टमर्स का रिस्पॉन्स बहुत जोश भरा है। साथ ही, इससे यह पता चलता है कि डाटा के लिए कितनी बड़ी डिमांड है, जो इससे पहले कभी पूरी नहीं की गई। हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क हाई डाटा यूजेज को हैंडल करने के काबिल है। हम हमेशा की तरह अपने नतीजों से मार्केट को चौंकाएंगे ही।

Q. क्या आप इस मौके का फायदा उठाने के लिए देश के ब्रेन पावर का इस्तेमाल यूथ को एंटरप्रेन्योर स्तर पर सपोर्ट करके करेंगे?
मुकेश अंबानी : बिल्कुल। तकरीबन साठ हजार यूथ पहले ही जियो परिवार का हिस्सा हैं। चाहे टेक्नोलॉजी हो, कंटेंट, सॉफ्टवेयर या फिर एप्लिकेशन्स, ये यूथ लगातार कस्टमर एक्सपीरियंस को सुधारने में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही, हमने एलान किया है कि हम यंग एंटरप्रेन्योर्स को सपोर्ट करने के लिए पांच हजार करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनाएंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारा काम यंग जनरेशन को आगे बढ़ाने का होना चाहिए, बदले में वे ही तो हमें वर्ल्ड लीडरशिप की ओर लेकर जाएंगे।

Q. इसके नाम के पीछे की क्या कहानी है? इसे किसने दिया है? जियो के लोगो को शीशे में देखें तो यह अंग्रेजी का शब्द ऑयल (OIL) दिखता है। क्या यह संयोग है?
मुकेश अंबानी : हम चाहते हैं कि भारतीय डिजिटल लाइफ जिएं। मतलब जिंदगी पहले से आसान, स्मार्ट, सुरक्षित और कनेक्टेड हो। जियो का मतलब केवल किसी तरह जीना भर नहीं है, बल्कि अच्छे से जीना है। रोमन लिपि में जियो को शीशे में देखने से यह ऑयल दिखता है। यह एक संयोग ही है।

Q. आज का रिलायंस धीरूभाई के काम करने के तरीके से कितना इंस्पायर है?
मुकेश अंबानी : रिलायंस का वजूद धीरूभाई की थिंकिंग, लीडरशिप और मैनेजमेंट अप्रोच का ही नतीजा है। वे आज भी हमें दिशा देते हैं। हमने उनके मैनेजमेंट के तरीके को इंस्टीट्यूट का रूप दे दिया है। उनकी सोच इस भरोसे पर आधारित थी कि बिज़नेस का मकसद केवल पैसा कमाना नहीं होना चाहिए। यह समाज और ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने का नतीजा होना चाहिए।

Q. आप अपने बच्चों को जमीनी हकीकतों के बारे में कैसे बताते हैं?
मुकेश अंबानी : हमारी परवरिश मिडल क्लास माहौल में हुई है और हम आज भी उसी तरह जीते हैं। फैमिली कल्चर को बचाए रखने और बच्चे उन्हें अपनाएं, इसमें बड़ी भूमिका मेरी पत्नी नीता की है। हम सब इसके लिए उनके शुक्रगुजार हैं।

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