जानिए, आखिर यहां पत्रकार क्यों हो रहे हैं गायब....

जानिए, आखिर यहां पत्रकार क्यों हो रहे हैं गायब....

Tuesday, 28 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

म्यांमार से एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रखाइन प्रांत में रोहिंग्या संकट पर काम करने वाले रिपोर्टर्स गायब हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जानबूझकर सेना द्वारा निशाना बनाया गया है।

'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट कहती है कि साल 2012 से युवा रोहिंग्या स्वयंसेवक गोपनीय तरीके म्यांमार में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की रिपोर्टिंग कर रहे थे और स्मार्टफोन के जरिए तस्वीरें, विडियो और ऑडियो क्लिप देश से बाहर भेज रहे थे।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि मानव अधिकार समूहों ने दावा किया है कि म्यांमार की सेना ने ऐसे कई रिपोर्टर्स का कत्ल कर दिया है और कई का अपहरण कर लिया है ताकि ऐसे पत्रकारों का पूरा नेटवर्क 'ध्वस्त' हो जाए। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इसकी वजह से अब इस राज्य में जो कुछ घटित हो रहा है उसकी रिपोर्टिंग बहुत ही कम हो रही है।

रोहिंग्या समुदाय के न्यूज पोर्टल 'द स्टेटलेस' में एडिटर रोहिंग्या शरणार्थी मोहम्मद रफीक कहते हैं कि सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से रखाइन के 95 प्रतिशत से अधिक मोबाइल रिपोर्टर्स गायब हो गए हैं।

उन्होंने कहा, 'सुरक्षा बलों और सेना द्वारा अभी भी रोहिंग्या गांवों में दुष्कर्म, हत्या और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, लेकिन रोहिंग्या मोबाइल रिपोर्टर नेटवर्क अब नाकाम हो चुका है। विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट तैयार करने के लिए जरूरी हिंसा की विस्तृत जानकारी हम तक नहीं पहुंच रही है।'

'गार्जियन' ने रफीक के हवाले से बताया, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के रिपोर्टर्स और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी रोहिंग्या मोबाइल नेटवर्क के रिपोर्टर्स के जरिए ही उत्पीड़न और हिंसा से संबंधित जानकारियां जुटाते थे और अब किसी भी मीडिया आउटलेट्स को रखाइन से कोई जानकारी नहीं मिल रही है।

'द गार्जियन' पर क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।

 

समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 



पोल

क्या संजय लीला भंसाली द्वारा कुछ पत्रकारों को पद्मावती फिल्म दिखाना उचित है?

हां

नहीं

Copyright © 2017 samachar4media.com