किस तरह 18 महीनों में ‘Network18 Digital’ ले सका अपना स्वरूप, पढ़ें यहां...

किस तरह 18 महीनों में ‘Network18 Digital’ ले सका अपना स्वरूप, पढ़ें यहां...

Wednesday, 11 October, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।


'नेटवर्क18 डिजिटल’ (Network18 Digital) के सीईओ मनीष माहेश्‍वरी का कहना है कि एडिटोरियल इनोवेशन और बिजनेस को ध्‍यान में रखते हुए समूह के फ्लैगशिप प्रॉडक्‍ट जैसे- News18.comFirstpost और ‘Moneycontrol’ के द्वारा ऑनलाइन मीडिया जगत में हलचल मचा दी है।


उनका कहना है कि हालांकि ‘वेब18’ (नेटवर्क18 डिजिटल का पुराना नाम) की डिजिटल प्रॉपर्टी लंबे समय से चल रही थीं और काफी ऊपर थीं लेकिन पिछले 18 महीने काफी मुश्किलों भरे रहे। इस दौरान न सिर्फ मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हुआ बल्कि क्षेत्रीय स्‍तर पर ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ के विस्‍तार के साथ-साथ विभिन्‍न प्रॉपर्टीज को एक छत के नीचे लाने को लेकर भी काफी उथल-पुथल रही।


ऑडियंसब्रैंड्स और कंज्‍यूमर बिहेवियर आदि को मापने वाली प्रमुख कंपनी कॉमस्‍कोर’ (comScore) के आंकड़ों का हवाला देते हुए माहेश्‍वरी ने बताया, ‘टाइम्‍स नेटवर्क और एनडीटीवी के बाद नेटवर्क18 डिजिटल देश का तीसरा सबसे ज्‍यादा देखा जाने वाला डिजिटल मीडिया नेटवर्क है। इसके 50 मिलियन से ज्‍यादा यूनिक विजिटर्स हैं। कंपनी की ग्रोथ की कहानी के दो हिस्‍से हैं। इनमें पहला एडिटोरियल और दूसरा बिजनेस है जो एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी कि हम खुद को फ्यूचर ओरिएंटेड कंपनी के रूप में स्‍थापित करें और इसी के बाद हमने इसे ‘वेब18’ से ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ के रूप में रीब्रैंड किया। इन दिनों डिजिटल का मतलब सिर्फ वेब से नहीं है बल्कि इसमें कई तरह की डिजिटल सेवाएं शामिल हैं।


 

एडिटोरियल पर है खास ध्‍यान (THE BIG EDITORIAL AMBITION)

 

संतोष मेनन ने जब ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ के चीफ कंटेंट ऑफिसर का कार्यभार संभाला था, उस समय नेटवर्क के टीवी चैनलों के लिए सिर्फ यही एक ऑनलाइन डेस्टिनेशन था। उस समय सबसे महत्‍वपूर्ण काम कंपनी को डिजिटल की पहचान देनी थी।


मेनन का कहना है, ‘मनीकंट्रोल’ शुरुआत में ‘सीएनबीसी’ (CNBC) के लिए लैंडिंग साइट थी। इसी तरह ‘IBN Live’ और ‘News18’ भी ‘CNN News18’ और बाद में ‘CNN IBN’ के लिए लैंडिंग साइट से ज्‍यादा नहीं थीं। लेकिन आज चीजें पूरी तरह बदल चुकी हैं। टीवी न्‍यूजरूम आदि के लिए भी हम डिजिटल का इस्‍तेमाल कर रहे हैं।’ कंटेंट पर ज्‍यादा फोकस करने के लिए ही कंपनी ने अपने यहां एडिटोरियल के कई धुरंधरों को नियुक्‍त किया है। इनमें ‘Moneycontrol’ के एडिटर संतोष नायर, ‘Firstpost’ के एडिटर बीवी राव और ‘News18.com’ के एडिटर प्रवीण थांपी शामिल हैं। इसके अलावा इसमें राजनीतिक विश्‍लेषक संजय बारू, क्रिकेट जर्नलिस्‍ट प्रेम पनिकर और फिल्‍म आलोचक अन्ना एमएम वेट्टिकैड्स आदि शामिल हैं, जो नियमित रूप से अपना योगदान देते रहते हैं।


मेनन का कहना है, ‘शुरू से ही हमारी योजना थी कि हमारा एडिटोरियल पक्ष काफी मजबूत होना चाहिए। इसके अलावा ब्रेकिंग स्‍टोरीज के लिए डिजिटल प्‍लेटफॉर्म तैयार करना था। आज के समय में हम स्‍टोरी ब्रेक करते हैं और इसके बाद टीवी इसे वहां से उठाकर चलाता हैं। पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान भी हमने यही किया था। उस समय ‘फेसबुक’ ने अपना लाइव विडियो शुरू किया था और हमने इस पर ‘Decode 2016’ नाम से पांच घंटे का डिजिटल कार्यक्रम Digicast किया था। उस समय इंडस्‍ट्री में ऐसा पहली बार किया गया था।’

 

ब्रैंड को मजबूत बनाना (STRENGTHENING THE BRANDS)


उस समय मनीष माहेश्‍वरी और उनकी नई टीम के पास सबसे बड़ा काम अपनी विशेषज्ञता और रिसोर्स से ब्रैंड को एक नई पहचान दिलाने के साथ ही उसे मार्केट में कंप्‍टीशन के लिए खड़ा करना था।


Moneycontrol.com’ को नए लोगो के साथ दोबारा लॉन्‍च किया गया था जबकि ‘Firstpost’ को हिन्‍दी में लॉन्‍च किया गया था और इसे अपना नया इनहाउस स्‍टूडियो भी मिला था। उस समय सबसे बड़ा निर्णय इन सभी न्‍यूज बेवसाइट को ‘News18.com’ के बैनर तले लेकर आना था।


माहेश्‍वरी का कहना है, ‘अपने ब्रैंड को मजबूती प्रदान करने के लिए हमने कुछ खास बदलाव किए थे, इनमें से एक यह भी था कि हम अपनी सभी डिजिटल न्‍यूज प्रॉपर्टीज को एक बैनर के तहत लेकर आए थे। यह कदम आसान नहीं था क्‍योंकि जब कोई भी कंपनी इस तरह का साहसी कदम उठाती है तो इसे एक कमी के रूप में माना जाता है। हमारे साथ ऐसी स्थिति नहीं थी। काफी कठिन मेहनत के बाद हम पहले से बेहतर करने में सक्षम रहे और ‘News18’ को नंबर दो की स्थिति में ले आए। हमने ‘Firstpost’ को भी हिन्‍दी में लॉन्‍च किया और यह अपनी तरह का पहला इनहाउस डिजिटल न्‍यूजरूपम था।


Moneycontrol’ को एक नया लोगो दिया गया और इसके कंटेंट में भी बहुत ही परिवर्तन किया गया।’ इसके अलावा बिजनेस को धार देने के लिए कंपनी ने एक साल के भीतर अपने तीनों ब्रैंड्स के लिए बिजनेस हेड की नियुक्ति भी की। इसके तहत राजीव सिंह को ‘फ्लिपकार्ट’ से लोकर ‘News18’ का बिजनेस हेड बनाया गया, वहीं अजीम ललानी को ‘Firstpost’ का बिजनेस हेड बनाने के साथ ही गौतम शेलार को ‘Moneycontrol’ के पूरे बिजनेस की कमान सौंपी गई।      

 

मुद्रीकरण का भी रखा ध्‍यान (KEEPING MONETIZATION IN MIND)


जब नए मैनेजमेंट ने कार्यभार संभाला था तो उस समय रेवेन्‍यू जुटाना सबसे बड़ी चुनौती थी क्‍योंकि उस समय सब चीजें सही नहीं चल रही थीं। ऐसे में ऐडवर्टाइजर्स का ध्‍यान आकर्षित करने के लिए पूरी तरह नई योजना बनाई गई, जो पहले की तुलना में नए मुद्रीकरण के अवसर बनाए। 


माहेश्‍वरी ने बताया, ‘हमने महसूस किया कि साधारण दिखाई देने वाले विज्ञापन ज्‍यादा सही काम नहीं कर रहे थे। हमारे क्‍लाइंट इससे भी ज्‍यादा चाहते थे। इसके लिए हमें ऐसा मॉडल तैयार करना था जो विभिन्‍न प्‍लेटफॉर्म्‍स के द्वारा इन्‍वेंट्री ला सके और ब्रैंडेड कंटेंट सॉल्‍यूशंस भी दे सके। ऐसे में टेक और कंटेंट ने मिलकर काम किया ताकि ऐडवर्टाइजर का ध्‍यान आकृष्‍ट किया जा सके।’


Moneycontrol’ के लिए सबस्क्रिप्‍शन मॉडल को शामिल करना बिजनेस के लिए एक मील का पत्‍थर साबित हुआ। इससे एक छोटे प्रीमियन के लिए बिजनेस रिसर्च और स्‍टॉक रिपोर्ट मिलती है। ‘ComScore Data’ के अनुसार, न्‍यूज की बात करें तो रीडरशिप और डाउनलोड में ‘Moneycontrol’ को ‘इकनॉमिक टाइम्‍स’ और ‘याहू फाइनेंस’ से भी आगे रखा गया है।


Moneycontrol’ के भविष्‍य के बारे में गौतम शेलार ने कहा, ‘हमारा पोर्टफोलियो और डाटा ऐसा है कि लाखों लोग इस प्‍लेटफॉर्म पर हैं। जून में तो हमने अपने सभी प्रति‍द्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। आने वाले महीनों में, हम अपने पोर्टफोलियो का एडवांस वर्जन तैयार कर रहे हैं। हम म्‍यूचुअल फंड ट्रांजेक्‍शन प्‍लेटफॉर्म ला रहे हैं। इस कवायद का उद्देश्‍य बिजनेस और इनवेस्टिंग कम्‍युनिटी में अपनी लीडरशिप पोजीशन को मजबूत करना है।’


News18’ और ‘Firstpost’ की कहानी में अच्‍छा भी रहा है। एक ओर दोनों में से किसी के लिए सबस्क्रिप्‍शन का कोई जिक्र नहीं है, वहीं भाषाओं के मामले में प्रादेशिक को विस्‍तार दिया गया है और कमाई के लिए कई सब-ब्रैंड्स भी शमिल किए गए हैं। सिंगल वेब इन्‍वेंट्री से लेकर अब हम अपने मोबाइल की मौजूदगी को भुनाने के लिए आगे बढ़ चुके हैं। तीन प्रमुख ब्रैंड्स के अलावा हमारे पास ‘Cricket Next’ जैसे सब ब्रैंड भी शामिल हैं। ये अपनी स्‍पॉन्‍सरशिप खुद तैयार करते हैं और इसके बाद ‘News18’ एप से आने वाले ऐड रेवेन्‍यू को उसमें शामिल कर देते हैं। हमारे पास ‘Compare India’ भी है, जहां पर हम  कंज्‍यूमर इलेक्‍ट्रोनिक्‍स का तुलनात्‍मक विश्‍लेषण करते है और इनमें से प्रमुख को ई-कॉमर्स साइट पर भेज देते हैं। ‘फेकिंग न्‍यूज’ और ‘टेक 2’ के पास अपने ऐडवर्टाइजर्स है, जिससे हमें रेवेन्‍यू जुटाने के लिए कई अवसर मिलते हैं।


रीजनल को आगे बढ़ाना और विडियो कंटेंट (REGIONAL EXPANSION & VIDEO CONTENT)


हिन्‍दी और अंग्रेजी के अलावा ‘News18.com’ तीन प्रादेशिक भाषाओं- गुजराती, उर्दू और बंगाली में भी कंटेंट उपलब्‍ध कराती है। आने वाले समय में इसकी योजना 13 भाषाओं में कंटेंट उपलब्‍ध कराने की है।


प्रादेशिक स्‍तर पर अपने विस्‍तार की योजनाओं के बारे में राजीव सिंह का कहना है, ‘हमें इसकी शुरुआत किए अभी एक साल से थोड़ा ही ज्‍यादा समय हुआ है, फिर भी यूनिक विजिटर्स के मामले में हम तीसरे नंबर पर खड़े हुए हैं। समय के साथ यह प्‍लेटफॉर्म पांच भाषाओं में उपलब्‍ध है। जल्‍द ही हम 13 भाषाओं में कंटेंट उपलब्‍ध कराकर ‘News18’ को मल्‍टीलैंग्‍वेज हब बनाने वाले हैं।’ ‍


इसी तरह, ‘फर्स्‍टपोस्‍ट’ हिन्‍दी में पिछली साल लॉन्‍च की गई थी और इसे क्षेत्रीय विस्‍तार दिया जा रहा है। ब्रैंड के लिए वि‍डियो कंटेंट पर भी ध्‍यान दिया जा रहा है। विडियो कंटेंट के महत्‍व के बारे में अजीम ललानी ने कहा, ‘देश के उभरते हुए टॉप 10 डिजिटल न्‍यूज पब्लिशर्स में से एक होने के नाते यह बहुत जरूरी है कि हम अपने दर्शकों की सही नस पर हाथ रख रहे हैं। अपने पोर्टफोलियो को और आगे बढ़ाते हुए हमने इस साल बॉलिवुड कारपूल ‘Caroake’ लॉन्‍च किया था। इसमें बॉलिवुड स्‍टारों ने हमारे पत्रकारों से खरी-खरी बात की जिसका हमारे दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया।’  

 

रिलांयस इंडस्‍ट्रीज की दखलअंदाजी नहीं (THE CHINA WALL WITH RELIANCE INDUSTRIES)


अपनी मूल कंपनी ‘रिलायंस इंडस्‍ट्रीज’ के दखल की बात से इनकार करते हुए मेनन ने कहा कि दोनों कारोबार के बीच एक मजबूत दीवार है। इस तरह की पॉलिसी बनाई गई हैं जिससे पत्रकारों के काम में हस्‍तक्षेप नहीं होता है और उन्‍हें काम करने में किसी भी प्रकार की दिक्‍कत नहीं होती है। इससे रिलायंस के बिजनेस हितों से कोई लेना-देना नहीं है। इन पॉलिसियों के अनुसार, वे हमारे साथ किसी भी अन्‍य मीडिया कंपनी की तरह पेश आएंगे और हम भी उनके साथ किसी कॉरपोरेट घराने की तरह ही व्‍यवहार करेंगे। मीडिया में कॉरपोरेट निवेश ग्‍लोबल स्‍तर पर हैजिसने इसे एक स्तर का खेल बना दिया है और हम इससे अलग नहीं हैं।

 

आगे का सफर (THE WAY AHEAD...)


माहेश्‍वरी का दावा है कि ‘Network18 Digital’ ने विभिन्‍न प्‍लेटफॉर्म्‍स पर तीन अंकों की वृद्धि देखी है और इसके रेवेन्‍यू में भी इजाफा हुआ है। इस समय परिचालन और ब्रैंड वैल्‍यू बढ़ाने के लिए अनुकूल समय है, जो इस समय ‘Network18’ की कुल वैल्‍यू का आठ प्रतिशत है। इसके अलावा कंपनी बड़ी मीडिया एजेंसियों से जुड़ाव पर भी ध्‍यान दे रही है।


इस बारे में माहेश्‍वरी का कहना है, ‘जैसा कि पहले भी कहा जा चुका है। हम भविष्‍य को देखकर आगे बढ़ने वाले संस्‍थान हैं और अपने इस उद्देश्‍य की पूर्ति के लिए हमने कई रेवेन्‍यू लाइन तैयार की हैं। हमने एक सेंट्रल एजेंसी टीम तैयार की है जो देश भर की टॉप 10 मीडिया एजेंसियों से समन्‍वय स्‍थापित करती है जिससे हम एक ही स्‍थान पर अपनी डिजिटल प्रॉपर्टी को उपलब्‍ध करा सकें। आखिर में यही कहना चाहूंगा कि यह साल हमारे लिए काफी अच्‍छा रहा है और नोटबंदी व जीएसटी के बावजूद हमारे रेवेन्‍यू में वृद्धि हुई है। यह हमारी बेहतरीन योजनाओं का ही नतीजा है।’


समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।




पोल

गौरी लंकेश की हत्या के बाद आयोजित विरोधसभा के मंच पर नेताओ का आना क्या ठीक है?

हां

नहीं

पता नहीं

Copyright © 2017 samachar4media.com