मीडिया को अदालत का सुझाव, नहीं है ये विशेषाधिकार

मीडिया को अदालत का सुझाव, नहीं है ये विशेषाधिकार

Thursday, 10 August, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

मीडिया को ऐसी कोई भी टिप्पणी करने और आलोचना का विशेषाधिकार नहीं है जिससे किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा मैगजीन पर बदनाम करने का आरोप लगाया गया है।

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राज कपूर ने एक मैगजीन के प्रबंधक को निर्देश दिया है कि वह किसी भी ऐसे लेख को प्रकाशित न करें जिससे संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा खराब हो। साथ ही कोर्ट ने मैगजीन के संपादक व एक अन्य व्यक्ति को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता को प्रतीकात्मक क्षतिपूर्ति के रूप में क्रमश: 30 हजार और 20 हजार रुपए अदा करें।

मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी समाज के लिए ज्यादा बड़ी है और उसे समाज के हित के लिए ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहिए। अदालत ने याद दिलाया कि पत्रकारों का दायित्व अधिक है क्योंकि उनके पास सूचना के प्रसार का अधिकार है।

बताते दें कि शेयर दलाल और एक आवासीय सोसाइटी के सदस्य याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि मानहानिकारक शब्दों का इस्तेमाल कर उसकी छवि खराब करने के लिए दिसंबर 2007 में पत्रिका में एक लेख प्रकाशित किया गया था। जब उन्होंने प्रतिवादियों को कानूनी नोटिस भेजा तो माफी मांगने की बजाय फिर से पत्रिका में एक आपत्तिजनक लेख छापा गया था।

हालांकि पत्रिका के संस्थापक और प्रबंध संपादक ने अदालत से कहा कि व्यक्ति का नाम लेकर कोई मानहानिकारक लेख नहीं लिखा गया और पत्रिका व्यक्ति से जुड़े दायरे में नहीं बांटी गई।


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