उपराष्ट्रपति ने की टीवी-प्रिंट पर नजर रखने वाली नई समिति की वकालत...

उपराष्ट्रपति ने की टीवी-प्रिंट पर नजर रखने वाली नई समिति की वकालत...

Friday, 17 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने प्रिंट और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया दोनों के न्‍यूजरूम में उभर रही खतरनाक प्रवृतियों पर चिंता व्‍यक्‍त की। उन्होंने कहा कि इस पर नियंत्रण लगाना जरूरी है, ताकि अतीत में प्रेस द्वारा निभाई गई भूमिका की महत्‍ता बनी रहे।

उपराष्ट्रपति नायडू मंगलावर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर भारतीय प्रेस परिषद की स्वर्ण जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सेल्फ रेगुलेशन ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है और ऐसे में टीवी और प्रिंट मीडिया दोनों पर एक ही तरीके से नजर रखने की जरूरत बढ़ने लगी है।

उन्होंने कहा कि यदि यही सेल्फ रेगुलेशन है तो फिर डॉक्टर के पास जाने की जरूरत कहां है? प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया तो सिर्फ प्रिंट के लिए है, लेकिन अब कोई ऐसी संस्था की जरूरत है जो प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों पर एक साथ नजर रख सके। हालांकि इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों पर नजर रखने के लिए जो भी रेगुलेशन हो, वह गला घोंटू नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा निगरानी करने वाली संस्था को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राजनीति और बिजनेस से प्रभावित मीडिया हाउस के मालिकों की वजह से कहीं खबरें प्रभावित तो नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट के एजेंडे की वजह से खबरों पर विचारों का रंग चढ़ गया है। इसलिए एनडीए सरकार की ये योजना रही है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए एक ही समिति बना दी जाए जो इस पर नजर रख सके।

बता दें कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया प्रिंट की देखरेख करती है, जबकि टीवी चैनलों पर न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया निगरानी रखता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता की लड़ाई में गति आई तो प्रेस लोगों की आकांक्षाओं और उनकी उम्मीदों को स्वर देने का एक महत्वपूर्ण वाहक बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि कई समाचार पत्र-पत्रिकाओं, विशेष रूप से भाषायी समाचार पत्रों ने स्वतंत्रता आन्दोलन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, अब पत्रकारिता का स्वरूप लिए ही बदल गया है, लेकिन अब भी वह सार्वजनिक विचार के रूप लेने और सरकार की निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करती है।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मीडिया को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘विश्वसनीयता एक दुर्लभ वस्तु बनती जा रही है। कोई नहीं जानता कि किस पर विश्वास करें और किस न करें। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई बार किसी इवेंट की रिपोर्ट करते हुए एक अखबार लिखता है कि सभा में बड़ी संख्या में लोग उमड़े, जबकि दूसरा अखबार खाली कुर्सियों की तस्वीरें लगाता है। नायडू ने कहा कि लोकतंत्र के विकास के लिए सूचना का धारा प्रवाह होते रहना जरूरी है।  

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक महान व्यवसाय है और आप सभी लोग इस व्यवसाय के ध्वजावाहक हैं जिन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को सही और निष्पक्ष जानकारी मिले।

वहीं कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री स्‍मृति ईरानी ने कहा कि मीडिया की आवाज नहीं दबायी जानी चाहिए और मीडिया की अभिव्‍यक्ति सुनिश्चित करना हमारी संवैधानिक जिम्‍मेदारी है। उन्‍होंने कहा कि आजकल नागरिक सोशल मीडिया के माध्‍यम से पत्रकार बन रहे हैं और वह मीडिया को अपनी जिम्‍मेदारियों के बारे में याद दिलाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 



Copyright © 2017 samachar4media.com