‘सीधी बात’: श्वेता सिंह ने पकड़ा Track, पूछ रही हैं सवाल होकर Frank

Saturday, 12 May, 2018

अभिषेक मेहरोत्रा

डेप्युटी एडिटर, समाचार4मीडिया.कॉम ।।

हिंदी न्यूज का बड़ा चैनल ‘आजतक’ का फ्लैगशिप शो ‘सीधी बात’ एक लंबे ब्रेक के बाद दोबारा शुरू हुआ है। किसी ज़माने में प्रभु चावला इसकी कमान संभालते थेफिर एम.जे.अकबरराहुल कंवल जैसे दिग्गज पत्रकारों ने इस क्रम को आगे बढ़ाया। अब ये ज़िम्मेदारी चैनल की वरिष्ठ एंकर श्वेता सिंह को मिली हैं।

इस शो के बारे में आजतक के मैनेजिंग एडिटर सुप्रिय प्रसाद का कहना है कि चूंकि अब चुनावी साल शुरू हो गया है और ऐसे में एक शो की जरूरत थी जहां नेताओं से सीधे सवाल पूछे जाए। सीधी बात हमारा फ्लैगशिप इंटरव्यू शो है इसलिए इसे रिलॉन्च किया गया। इस तरह का शो किसी भी दूसरे चैनल के पास नहीं है। श्वेता सिंह ही इसकी होस्ट क्योंपर सुप्रिय कहते है कि वे हमारी सीनियर एंकर है और उनका एक अंदाज हैजिसे दर्शक पसंद करते हैं। वन-टू-वन फॉर्मेट वाले इस शो को श्वेता जिस तरह से होस्ट कर रही हैवह इस शो को एक पहचान दे रहा है।


श्वेता सिंह ने इस शो में अब तक भाजपा अध्यक्ष अमित शाहउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथकांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधियारविशंकर प्रसादनितिन गडकरी और राजनाथ सिंह शिरकत कर चुके हैं। शुरुआत के कुछ एपिसोड में उन तीखे सवालों की कमी ज़रूर महसूस हुईजो कभी ‘सीधी बात’ का पर्याय हुआ करते थेलेकिन श्वेता धीरे-धीरे ‘सीधी बात’ को सही ट्रैक पर लाती नज़र आ रही हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह से उन्होंने जिस बेबाकी से सवाल पूछेवे उनकी राजनैतिक परिपक्ता को दर्शा रहा है।

गौरतलब है कि श्वेता ने 1998 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पहला कदम रखा था। 2002 में ‘आजतक’ से जुड़ने से पहले श्वेता ने ज़ी न्यूज़ और सहारा में भी एंकरिग की है। उन्हें खासतौर पर खेल संबंधी समाचार कवर करने में निपुण माना जाता रहा है। 2005 मेंउनके शो ‘सौरव का सिक्स’ को स्पोर्ट्स जर्नलिज़्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) द्वारा सर्वश्रेष्ठ खेल कार्यक्रम के लिए पुरस्कृत किया गया थालेकिन इसके बाद उन्होंने खुद को स्पोर्ट्स बीट के साथ-साथ कई अन्य बीट्स पर एक्सप्लोर किया। चाहे विदेशी धरती से रिपोर्टिंगि हो या फिर ‘वंदे मातरम’ जैसा समसमायिक विषयों वाला शोश्वेता ने वहां भी कामयाबी हासिल की। 

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान श्वेता ने ‘पाटलिपुत्र का इतिहास’ नामक कार्यक्रम कियाजिसे काफी सराहा गया। बेवाक सवाल दागने के चलते दबंग मानी जाने वालीं श्वेता दो बार प्रतिष्ठित इनबा (enba) अवॉर्ड्स के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ एंकर कैटिगरी के पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकी हैं। शायद यही वजह रही कि जब अब ‘आजतक’ ने ‘सीधी बात’ को रिलॉन्च करते हुए दर्शकों के बीच उतरा तो सवाल दागने की ज़िम्मेदारी श्वेता को सौंपी गई। हालांकि इस शो के शुरुआत में ज़रूर श्वेता ने अपने चाहने वालों को निराश कियाएकबारगी ऐसा लगा कि नए रूप में आया ‘सीधी बात’ अन्य चैनलों पर प्रसारित होने वाले आम कार्यक्रमों की तरह हो गया हैजहां वही सवाल पूछे जाते हैं जिनका जवाब देने में नेता सहज हों। श्वेता के ‘सीधी बात’ की तुलना प्रभु चावला के दौर में प्रसारित होने वाले ‘सीधी बात’ से भी की जाने लगीप्रभु कई बार चुटीले प्रश्नों से भी अतिथि को मुश्किल में डाल देते थे। इसी के चलते शो एक अलग पहचान बनाने में कामयाब भी रहा था। 

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब ‘सीधी बात’ में शिरकत की तो वह पूरे शो के दौरान मुस्कुराते रहेजबकि उनका व्यक्तित्व ऐसा नहीं है। आमतौर पर तीखे सवाल उन्हें विचलित करते हैं और उनका चेहरा उनके मन में मची उथलपुथल को बयां कर देता है। इसी तरह अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी किसी झुंझलाहट के सवालों का जवाब दे गए। पर शायद ये वे दौर था जब श्वेता सिंह को इस शो का फीडबैक भी मिलने लगा होगाक्योंकि जब अगले शो में उनके सामने देश के गृहमंत्री और दिग्गज पॉलिटिशियन राजनाथ सिंह थेतो राजनाथ सिंह से जिस तरह उन्होंने एक के बाद एक सवाल दागेउसने पुराने एपिसोड की कमियों को पूरा कर दिया। इस दौरान अब वह सवालों के बीच से सवाल निकालने की कला में माहिर होतीं दिखने लगी हैं। उन्होंने उन्नाव मामले पर योगी सरकार के ढीले रवैये पर कटाक्ष किए और तुरंत ही सवाल दाग दिया कि आप सीएम होते तो कैसा होताश्वेता के इस सवाल पर अतिथि को विचलित होते देखना यह दर्शाता है कि उन्होंने ‘सीधी बात’ की नब्ज़ को पकड़ लिया है और आगे इसके बाद के एपिसोड्स में वे लगातार दमदार तरीके से तीखे सवाल भी पूछ रही है।

क्या कहते हैं मीडिया विशेषज्ञ...

वर्तिका नंदा, मीडिया विश्लेषक -

श्वेता ने इस शो को अतिरिक्त गरिमा और खूबसूरती दी है। श्वेता की पहचान एक ऐसे एंकर के रूप में है जो सजग भी है और समर्थ और सकारात्मक भी। इन सभी संवादों में वह पेचीदा सवालों को परिपक्तवता से पूछती दिखती है। स्वाभाविक तौर पर इन सीधे सवालों को टेढ़े तरीके से पूछा जा सकता था लेकिन श्ववेता ने अपनी और चैनल की गरिमा को बनाए रखा। यह एक बड़ी उप्लब्धि है। मेरा श्ववेता से खास परिचय दो वजहों से हुआ। एक तो शिलांग में एक सेमिनार के दौरान और दूसरे सामयिक प्रकाशन से करीब 3 महीने पहले आई मेरी संपादित किताब- मीडिया और बाजार के सिलसिले में। इन दोनों ही मंचों पर मैंने श्वेता को वैसा ही संतुलित और बेहद प्रशंसनीय पाया जैसा कि इस कार्यक्रम में। श्वेता इस बात की सशक्त मिसाल कायम करती दिखती हैं कि सफल एंकर कैसा हो। बेशक श्वेता के सामने एक लंबा रास्ता है और वो बेहतरीन एंकर की परिपाटी पर खरी उतरती हुई बेउम्मीद होती मीडिया की दुनिया में एक सुंदर उम्मीद जगाती है।

विनीत कुमार, मीडिया रिसर्चर-

सीधी बात में पैनेपन की कमी खल रही है। प्रभु चावला का जो अंदाज  इस शो की पहचान था, वो अंदाज शो का हिस्सा होना ही चाहिए। श्वेता सौम्य एंकर है, जो अक्खड़ या चुटीले तरीके से खांटी नेताओं से उनके तरीके से बात करने में थोड़ा हिचकती है। शुरुआती तीन शो में वे उतनी क्रिटिकल नजर नहीं आई, जितना इस शो के एंकर से अपेक्षा की जाती है, क्योंकि इस शो में आने वाली शख्सियत के साथ एंकर का जो तीखा संवाद होता था, वहीं सीधी बातकी यूएसपी है। 



समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी रायसुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।



पोल

रात 9 बजे आप हिंदी न्यूज चैनल पर कौन सा शो देखते हैं?

जी न्यूज पर सुधीर चौधरी का ‘DNA’

आजतक पर श्वेता सिंह का ‘खबरदार’

इंडिया टीवी पर रजत शर्मा का ‘आज की बात’

न्यूज18 हिंदी पर किशोर आजवाणी का ‘सौ बात की एक बात’

एबीपी न्यूज पर पुण्य प्रसून बाजपेयी का ‘मास्टरस्ट्रोक’

एनडीटीवी इंडिया पर रवीश कुमार का ‘प्राइम टाइम’

न्यूज नेशन पर अजय कुमार का ‘Question Hour’

Copyright © 2017 samachar4media.com