नमन नीलाभ जी, 'मैं मंदबुद्धि हो सकता हूं लेकिन आलसी नहीं'

नमन नीलाभ जी, 'मैं मंदबुद्धि हो सकता हूं लेकिन आलसी नहीं'

Monday, 26 February, 2018

कुमार पंकज

वरिष्ठ पत्रकार ।।

'या तो तुम मंदबुद्धि हो या फिर आलसीमैंने बड़ी विनम्रता के साथ कहा कि सरमैं मंदबुद्धि हो सकता हूं लेकिन आलसी नहीं। नीलाभ मिश्र नहीं रहे जबसे यह खबर पता चली उनकी बात रह-रह कर दिमांग में कौंध रही है। अपने पत्रकारिय जीवन का लंबा समय उनके साथ बिताया।

आउटलुक में उन्‍होंने मुझे काम करने का अवसर प्रदान किया और उनके साथ काम करने का अलग अनुभव भी हासिल किया। वे एक ऐसे संपादक रहे जिनको अपने संपादक होने का कोई गुरुर नहीं था। उनके कमरे का दरवाजा हर समय हर किसी के लिए खुला रहता था। आज जब उनके निधन की खबर मिली तो पुरानी यादें ताजा हो गई। उनके साथ सीरिया की यात्रा पर जाने का अवसर मिला। सा‍थ-साथ सीरिया के कई शहरों में घूमे जहां इस्‍लामिक आतंकवाद की गूंज थी।

खबर को सूंघने की उनकी जो क्षमता थी गजब थी। किसी भी खबर को एंगल देकर कैसे बेहतर बनाया जा सकता है यह कला उनको बखूबी आती थी। मेरी लिखी गई कॉपी में वे संशोधन कराते थे तो मुझे अच्‍छा लगता था लेकिन एक दिन मेरी कॉपी को देखकर अचानक आउटलुक के सहयोगियों के बीच वे बोल पड़ेया तो तुम मंदबुद्धि हो या फिर आलसीयह सुनकर मैं अवाक रह गया और अचानक बोल पड़ा सरमैं मंदबुद्धि हो सकता हूं लेकिन आलसी नहीं। नीलाभ जी मेरे बोले हुए शब्‍द पर स्‍तब्‍ध रह गए लेकिन उन्‍होंने कुछ नहीं कहा और अपने कमरे में चले गए। आज भी मेरे कई पुराने साथी मुझे मंदबुद्धि का तमगा देकर बुलाते हैं। लेकिन उनका कथन मेरे करियर में आगे बढ़ने के लिए उत्‍साहित करता रहा। मेरी मेहनत पर उन्‍हें पूरा भरोसा था। कभी भी कोई कठिन काम आता था तो सबसे पहले मुझे ही बुलाकर कहते थे कि पंकज तुम ये काम कर सकते हो।

मुझे गर्व है कि आउटलुक में नीलाभ जी के साथ काम करते हुए जो उपलब्धियां मैंने हासिल की अपने करियर में उतनी उपलब्धि कभी नहीं मिली आगे कितनी उपलब्धि मिलेगी कह नहीं सकता। जब मैं कभी उनके फैसले पर नाराज होकर चुप हो जाता तो बाद में वे बुलाते थे और प्‍यार से पूछते थे क्‍या बात हो गई नाराज हो क्‍या। मैं कहता नहीं सर बस मूड ठीक नहीं है। फिर वे प्‍यार से पूछते तो कुछ खाना-पीना हो तो बताओ। बहुत ही विनम्रता था उनके शब्‍दों में। नीलाभ जीआपके साथ काम करके जो अनुभवजो मुकाम हासिल हुआ उसकी याद हमेशा आती रहेगी। विनम्र श्रद्धांजलि।


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