अखबार-टीवी के लिए ये 'अच्छी' खबर नहीं है...

अखबार-टीवी के लिए ये 'अच्छी' खबर नहीं है...

Tuesday, 25 July, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

समय के साथ लोगों की आदतों में बदलाव आना स्वभाविक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोशल मीडिया के आने से इन बदलावों को पंख लग गए हैं और अब तेजी से आदतों में बदलाव हो रहा है। दरअसल एसोचैम की एक रिपोर्ट में इस बात के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की वजह से युवाओं समेत तमाम लोग अखबार पढ़ने और टीवी देखने की आदतों से बच रहे हैं। एसोचैम ने एक विश्लेषण के आधार पर यह बात कही।

235 परिवारों की प्रतिक्रिया के विश्लेषण के आधार पर इस उद्योग संगठन ने दावा किया कि बडे़ शहरों में रह रहे भारतीय अब अखबार पढ़ने और टेलिविजन देखने में तीन से चार साल पहले के रुख की तुलना में अब आधे से भी कम समय खर्च कर रहे हैं।

एसोचैम ने एक बयान में कहा कि यह सच है कि भारतीय अखबार उद्योग करीब 6.2 करोड़ प्रिंट आर्डर के साथ मजबूत बना हुआ है और आम लोग सुबह के अखबार के प्रति निष्ठावान बने हुए हैं, लेकिन सोशल मीडिया के तेजी से पैर पसारने के चलते परिवार के सदस्यों के बीच इसे पढ़ने में खर्च होने वाले समय में तेजी से गिरावट हुई है।

चैंबर ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और बेंगलुरू सहित बड़े शहरों के 235 परिवारों के जवाबों के आधार पर यह सर्वे किया है। इनमें करीब 80 फीसदी लोगों ने कहा कि सुबह की चाय के साथ अखबार पढ़ने की आदत में बदलाव आया है, जहां 50 साल से अधिक उम्र के पुरुष अखबार पढ़ते हैं, वहीं युवा सदस्य विभिन्न सोशल साइटों पर जुटे रहते हैं।

एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत ने कहा कि दुर्भाग्यवश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ असत्यापित जानकारियों के सच के रूप में प्रसार चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि नए मीडिया के परिपक्व होने पर आशा है कि उपयोगकर्ता इंटरनेट पर सूचनाओं को लेकर ज्यादा समझदार और सजग होंगे।


समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।



पोल

गौरी लंकेश की हत्या के बाद आयोजित विरोधसभा के मंच पर नेताओ का आना क्या ठीक है?

हां

नहीं

पता नहीं

Copyright © 2017 samachar4media.com