कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तहलका के यूं की थी मदद

Monday, 06 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

टाइम्स समूह के अंग्रेजी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ ने एक खुलासे के जरिए बताया है कि कैसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तहलका समूह की मदद की थी। चैनल ने एक लेटर के हवाले से बताया  है कि 2004 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को लिखा था। इस पत्र में तहलका की फाइनैंसर प्राइवेट कंपनी 'फर्स्ट ग्लोबल' के खिलाफ जारी जांच को लेकर निर्दैश दिए गए थे। उस समय तहलका के संपादक तरुण तेजपाल थे, जो फिलहाल रेप के मामले में जमानत पर बाहर हैं। उल्लेखनीय है कि उस समय तहलका गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार स्टोरीज कर रह था।

नवभारत टाइम्स डॉट कॉम पर प्रकाशित खबर के मुताबिक, पत्र से हितों के टकराव का मामला सामने आ रहा है। सोनिया के चिदंबरम को पत्र लिखने के 4 दिन बाद यूपीए सरकार ने मंत्रियों के समूह का गठन किया और पत्र के 6 दिन बाद 'फर्स्ट ग्लोबल' के खिलाफ जांच हटा ली गई। प्राइवेट कंपनी 'फर्स्ट ग्लोबल' के प्रमोटर्स शंकर शर्मा और देविना मेहरा ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, जिसके जवाब में सोनिया गांधी ने चिदंबरम को पत्र लिखा। इसके अगले दिन चिदंबरम ने ईडी और सीबीडीटी के प्रमुखों को उनसे मिलने के लिए कहा। तहलका की कार्यशैली को लेकर प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा था। एनडीए सरकार ने तहलका की कार्यशैली की जांच के आदेश दिए थे। खुलासे के बाद सुब्रमण्यन स्वामी ने 'टाइम्स नाउ' से कहा कि ईडी को मामले में FIR दर्ज करनी चाहिए, ताकि यह मामला तार्किक अंजाम तक पहुंच सके।

पी. चिदंबरम ने माना है कि पत्र पर उनकी टिप्पणियां सही हैं। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मुझे सोनिया गांधी द्वारा लिखित एक पत्र की प्रति दिखाई गई, जिसमें 'फर्स्ट ग्लोबल' के लेटर को आगे बढ़ाया गया था। पत्र पर मेरी टिप्पणियां सही हैं। मुझे यकीन है कि मंत्रालय की तरफ से मैंने जो भी मैटेरियल रहा होगा, उसी आधार पर उत्तर भेजा होगा। सोनिया गांधी के पत्र और मेरे उत्तर को एक साथ पढ़ा जाना चाहिए।'




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