हम ITV नेटवर्क का 11वां चैनल लॉन्च करने जा रहे हैं: कार्तिकेय शर्मा, फाउंडर-प्रमोटर हम ITV नेटवर्क का 11वां चैनल लॉन्च करने जा रहे हैं: कार्तिकेय शर्मा, फाउंडर-प्रमोटर

हम ITV नेटवर्क का 11वां चैनल लॉन्च करने जा रहे हैं: कार्तिकेय शर्मा, फाउंडर-प्रमोटर

Friday, 09 March, 2018

रुहैल अमीन ।।

आईटीवी नेटवर्क (iTV Network) के फाउंडर और प्रमोटर कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि अभी तक कोई ऐसा मैकेनिज्‍म मौजूद नहीं है जो ब्रॉडकास्‍ट कैरिज फीस को तय कर सके। ब्रॉडकास्‍ट कैरिज फीस समेत विभिन्‍न मुद्दों पर हमने कार्तिकेय शर्मा से विस्‍तार से बातचीत की। प्रस्‍तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश...

आईटीवी नेटवर्क’ के अंग्रेजी चैनल ‘न्‍यूज एक्‍स’ ने 'नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स' (NPAs) में 100 दिन के इन्‍वेस्टिगेटिव कैंपेन की शुरुआत की है। इसका अब तक का प्रभाव कैसा रहा है?

हम इस कैंपेन पर नीरव मोदी का मामला उठने के बाद नहीं बल्कि कई महीनों से काम कर रहे हैं। इस कैंपेन में देश की बड़ी समस्‍याओं में से एक खासकर पब्लिक सेक्‍टर के बैंकों की भूमिका को लेकर मामला उठाया गया है। हमारा सवाल ये है कि पब्लिक सेक्‍टर के बैंकों में इतने बड़े ' NPAs ' क्‍यों हैं और यह प्राइवेट सेक्‍टर के बैंकों में क्‍यों नहीं हैं। इसका मतलब साफ है कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है। जहां तक इस कैंपेन के प्रभाव की बात है तो हमें काफी सकारात्‍मक प्रतिक्रिया मिली है और चैनल की रेटिंग का प्रदर्शन भी बहुत बेहतर रहा है। लेकिन रेटिंग से ज्‍यादा जरूरी बात ये है कि इसे लोगों के लिए तैयार किया गया है। इस कैंपेन के जरिये लोगों को बताया जा रहा है कि उनकी मेहनत से कमाया हुआ पैसा बेकार जा रहा है। हम इस तरह के इन्‍वेस्टिगेटिव कैंपेन लॉन्‍च करना जारी रखेंगे।  

इन दिनों यह मुद्दा बहस का विषय बना हुआ है कि न्‍यूज का प्रभाव समाप्‍त होता जा रहा है। आप इस मामले को कैसे देखते हैं। आपकी नजर में ऐसी कौन सी तीन बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स इन दिनों जूझ रहे हैं?

मेरा मानना है कि ‍आज के समय में न्‍यूज तेजी से सोशल मीडिया का शिकार बनती जा रही है और यह सही भी है। लेकिन इन्‍वेस्टिगेटिव जर्नलिज्‍म वाकई में प्रभाव डाल रहा है और हमारा नया कैंपेन दिखाता है कि न्‍यूज कैसे अपना असली प्रभाव डाल सकती है। जहां तक इन दिनों न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स के समक्ष आ रहीं चुनौतियों की बात है तो मेरा यही कहना है कि इनमें कई प्रमुख हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि ब्रॉडकास्‍ट कैरिज फीस तय करने के लिए अभी तक किसी तरह का ठोस मैकेनिज्‍म नहीं बन पाया है और दूसरी बात ये है कि वे डिजिटल मीडिया और इसके बढ़ते प्रभाव को समझने का प्रयास कर रहे हैं। यह भी एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा तीसरी और आखिरी चुनौती ऐसा बेहतर मैकेनिज्‍म पाना है जिससे व्‍युअरशिप के सही आंकड़े प्राप्‍त किए जा सकें। भारत जैसे बड़े देश में यदि हम ये देखना चाहें कि अंग्रेजी भाषी ऑडियंस का प्रतिनिधित्‍व जानने के लिए कितने मीटर की जरूरत होगी तो हमें निश्चित रूप से बड़े सैंपल साइज की जरूरत होगी। क्‍योंकि मुझे नहीं लगता कि वर्तमान में विभिन्‍न जॉनर के प्रतिनिधित्‍व को जानने के लिए हमारे पास पर्याप्‍त चीजें हैं।

इस साल 'News X' क्‍या कुछ खास बदलाव करने जा रहा है, क्‍या इस तरह की कोई योजना है और भविष्‍य के लिए आप अपने न्‍यूजरूम को किस तरह तैयार कर रहे हैं?

हम पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों को फिर वापस लेकर आ रहे हैं। हमारे पास काफी युवा और उत्‍साही टीम है, जो युवा भारत का प्रतिनिधित्‍व करती है। हमारा फोकस प्रभावी कंटेंट को तैयार करना है। हमें न्‍यूज ब्रॉडकास्‍ट के सिद्धांतों से भी जुड़े रहना है। हमारा विश्‍वास है कि इन सबके द्वारा हम काफी लंबा रास्‍ता तय करेंगे। जहां तक भविष्‍य के लिए तैयार रहने की बात है तो मेरा मानना है कि अंतत: हम सभी कंटेंट तैयार करने वाले और उसे उपलब्‍ध कराने वाले हैं। समय के साथ विभिन्न प्लेटफॉर्मों में कंटेंट को डिलीवर करने की कार्यप्रणाली बदल जाएगी और इससे ज्‍यादा विकसित हो जाएगी। हालांकि अच्‍छे कंटेंट की हमेशा मांग रहेगी और जो भी प्‍लेयर्स समय के साथ प्रासंगिक बने रहेंगे और इस बात पर फोकस करेंगे, वही आगे निकलेंगे और हम इसी बात पर फोकस कर रहे हैं।

अगले साल आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में वर्ष 2018 न्‍यूज चैनलों के लिए काफी अहम है। इस बड़े न्‍यूज इवेंट का लाभ उठाने के लिए आपकी क्‍या योजना है?

मुझे दूसरों लोगों की तो नहीं पता लेकिन मैं अपने बारे में बता सकता हूं। इस बात में कोई शक नहीं है कि यह वर्ष हमारे के लिए काफी खास होगा। न सिर्फ इसके लिए कि हमने पिछले छह महीने में दो प्रादेशिक न्‍यूज चैनल (पंजाबी और गुजराती) लॉन्‍च किए हैं बल्कि 'न्‍यूज एक्‍स कन्‍नड़' (News X Kannada) की लॉन्चिंग के द्वारा हम दक्षिणभाषी मार्केट में भी शुरुआत करने जा रहे हैं। हम इसे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोकल बनाना चाहते हैं और यह नेटवर्क का 11वां चैनल होगा।

इसके अलावा, आम चुनावों से पूर्व हम देश भर में कुछ और न्‍यूज प्रोजेक्‍ट, खासकर प्रादेशिक भाषा में, लॉन्‍च करने की योजना बना रहे हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि आम चुनावों द्वारा न्‍यूज चैनलों के लिए आगे बढ़ने और नए न्‍यूज प्रॉडक्‍ट्स को बाहर आने का बढि़या समय है और यही वजह है कि हमने ये तैयारी की है।

 

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