वीआईपी कल्चर को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की कुछ यूं बयां की ‘मन की बात’

Thursday, 05 January, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

‘इंडिया टुडे’ (India Today) के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई विभिन्न मामलों में वीआईपी (VIPs) को दी जा रही तमाम तरह की छूट से काफी नाराज नजर आ रहे हैं। इस बारे में उन्होंने एक ट्वीट के जरिये अपने ‘मन की बात’ को बयां किया है।

दरअसल ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ (The Indian Express) में छपी उस स्टोरी का हवाला देते हुए राजदीप सरदेसाई ने यह ट्वीट किया है, जिसमें बताया गया था कि आयकर मामले मेें इनकम टैक्स सैटलमेंट कमीशन (ITSC) ने पहले 'सहारा' की एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया था और बाद में इसे स्वीकार कर तुरत-फुरत मामले का निपटारा भी कर दिया गया।

ITSC ने 'सहारा' के उस दावे से भी सहमति जताई कि आयकर विभाग के छापे के दौरान बरामद किए गए दस्तावेज पर्याप्‍त सबूत नहीं हैं। इसके बाद सहारा को किसी भी तरह के मुकदमे अथवा आर्थिक दंड से छूट मिल गई। जबकि आरोप था कि आयकर विभाग के छापे में अधिकारियों को कंपनी से कुछ ऐसे दस्‍तावेज मिले थे, जिनमें नेताओं को कई तरह के भुगतान की बात लिखी हुई थी।

इस खबर के बाद अपने ट्वीट में राजदीप सरदेसाई का कहना है कि यदि आयकर विभाग की छापेमारी में उनका अ‍थवा किसी आम आदमी का नाम आता तो जीवन भर उसे चैन से नहीं बैठने दिया जाता लेकिन शायद वीआईपी (VIP) को इन सबसे छूट मिली हुई है।

If my or your name came up in an IT raid, we would be hounded for life; VIPs have immunity!

‘द इंडियन एक्‍सप्रेस’ में छपे इस आर्टिकल को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Sahara gets immunity, tax panel accepts its claim that seized papers not evidence

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