‘ZEEL’ के CEO ने बदलाव के पीछे की बताई ये वजह... ‘ZEEL’ के CEO ने बदलाव के पीछे की बताई ये वजह...

‘ZEEL’ के CEO ने बदलाव के पीछे की बताई ये वजह...

Wednesday, 18 October, 2017

मधुवंती साहा ।।

जी ऐंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (डोमेस्टिक बिजनेस ब्राडकास्टके सीईओ पुनीत मिश्रा इन दिनों काफी व्‍यस्‍त हैं। पिछले हफ्ते ही 160 करोड़ रुपये में जी समूहने 9XM’ का अधिग्रहण किया है। वहीं, पिछले महीने मिश्रा को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन बोर्डके बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स की 12 सदस्‍यीय टीम में शामिल किया गया है। हाल ही में जीटीवी’ (Zee TV) ने अपने लोगो और लुक में बदलाव किया है।

इस बारे में हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्‍सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने पुनीत मिश्रा से विभिन्‍न मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:  

जीटीवी ने हाल ही में अपना लोगो और ब्रैंड आइ‍डेंटिटी में बदलाव किया है, ऐसे में आप किस तरह रेवेन्‍यू में बढ़ोतरी को देख रहे हैंक्‍या आप विज्ञापन की दरों को भी बढ़ाने की योजना बना रहे हैं ?

यदि हम वर्तमान की बात करें तो अब लोग किसी ब्रैंड या प्रॉडक्‍ट को नहीं खरीदते हैं, बल्कि वह कुछ नया चाहते हैं। युवा पीढ़ी इसी फिलॉसफी का पालन करती है। यदि आप इस फिलॉसफी से जुड़ जाते हैं तो आप कंज्‍यूमर से जुड़ सकते हैं। इसलिए सबसे पहले व्‍युअरशिप आती है और उसके बाद रेवेन्‍यू आता है। यदि मैं सबकुछ कर लूं, इसके बाद भी व्‍युअरशिप न मिले तो कोई भी मुझे भुगतान क्‍यों करेगा?

चैनल की रीब्रैंडिंग और नए लोगो के लिए बजट के बारे में कुछ बताएं?

नंबर वन नेटवर्क और नंबर वन चैनल होने के नाते हम ऐसा पार्टनर चाहते थे जो बेस्‍ट हो। इसके बाद हमने ‘Martin Lambie-Nairn (MLN) के साथ पार्टनरशिप की, जो इंडस्‍ट्री में बेस्‍ट है। उन्‍होंने ही बीबीसी’ (BBC) चैनल का लोगो तैयार किया है। दिसंबर-जनवरी से ही हमने इस दिशा में काम शुरू कर दिया था।

जी अनमोललगातार नंबर वन रहा है, इसके लिए आपने क्‍या किया है?

इसके लिए यही कहूंगा कि जो बात जीटीवीपर लागू होती है, वही इस पर लागू होती है। दरअसल, इसके लिए कंज्‍यूमर की गहरी समझ काफी काम करती है और जीटीवीजी अनमोलकी टीम इस बात को भलीभांति समझती है। जिस कंटेंट को ऑनएयर किया जाता है, उसकी एडिटिंग दूसरी तरह से होती है। इसके अलावा फ्री टू एयर’ (FTA) मार्केट ने भी व्‍युअर्स जुटाने में काफी अहम भूमिका निभाई है। 25 मिलियन से ज्‍यादा व्‍युअर्स तो डीडी फ्री डिश से ही मिले हैं। लेकिन यह अच्‍छी बात भी है और खराब भी। अच्‍छी इसलिए कि इससे कंज्‍यूमर की संख्या बढ़ती है और बुरी इसलिए कि मेरे नजरिये से इंडस्‍ट्री को होने वाले भुगतान के लिए हानिकारक है।

आपके एक साल के कार्यकाल में घरेलू ब्रॉडकास्‍टिंग बिजनेस कैसा रहा है?

इस अवधि में हम नंबर वन नेटवर्क बन गए हैं इसलिए मैं इसे खराब नहीं कहूंगा। जहां तक मुझे याद है कि आखिरी बार यह स्थिति वर्ष 2008-09 में बनी थी। पिछले हफ्ते की बात करें तो हम नंबर वन थे। मैं शहरी क्षेत्र की बात कर रहा हूं। यदि हम हिन्‍दी भाषी मार्केट (ग्रामीण और शहरी) की बात करें तो हम पूरी तिमाही में नंबर वन रहे हैं।

आपका रीजनल बिजनेस कैसा चल रहा है?

यह काफी अच्‍छा प्रदर्शन कर रहा है और यह स्थिति आगे भी जारी रहेगी। ‍

न्‍यू ब्रैंड आइ‍डेंटिटी का उद्देश्‍य क्‍या है?

इसके दो मुख्‍य उद्देश्‍य हैं। सबसे पहला तो यह सुनिश्चित करना है कि कंटेंट के दम पर ही हम नंबर वन बने हुए हैं, यह बात सही है और दूसरा हम अपने ब्रैंड के द्वारा नंबर वन बने रहना चाहते हैं। हम तब तक अपने कंज्‍यूमर को ट्रैक करना चाहते हैं, जब तक वे न कहें कि आप अपने कंटेंट के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। हम लीडरशिप पोजीशन पर बने रहने के लिए सभी विकल्‍पों का इस्‍तेमाल करेंगे। 

 

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