भारतीय बाजार पर छाने के लिए ‘बीबीसी वर्ल्‍डवाइड’ ने बनाई ये खास स्‍ट्रेटजी

Thursday, 28 December, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

‘बीबीसी वर्ल्‍डवाइड’ भारतीय बाजार में अपने कंटेंट पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान करने की कवायद के तहत इन दिनों तेजी से बढ़ती हुई कंटेंट की डिमांड को पूरा करने में जुट गया है। इसके साथ ही यह ‘ओवर द टॉप’ (OTT) क्षेत्र में भी अपनी पहुंच बढ़ाने में लगा हुआ है।  

‘बीबीसी वर्ल्‍डवाइड’ की दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया की सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और जीएम माइलीता आगा ने हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्‍सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) से बातचीत में इस वित्‍तीय वर्ष को लेकर अपनी स्‍ट्रेटजी के बारे में विस्‍तार से बातचीत की।

आगा ने बताया कि भारत में ‘बीबीसी वर्ल्‍डवाइड’ के लिए वर्ष 2017 काफी व्‍यस्‍तता भरा तो रहा ही, लेकिन काफी बेहतरीन भी रहा। उन्‍होंने कहा, ‘हमने इस साल ‘सोनी पिक्‍चर्स नेटवर्क्‍स इंडिया’ (SPNI) के साथ मिलकर ‘बीबीसी अर्थ (BBC Earth) चैनल भी लॉन्‍च किया। इसके अलावा हमने न सिर्फ ‘जी कैफे’ (Zee Café) के साथ कंटेंट को लेकर डील की बल्कि प्रॉडक्‍शन के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत की फिर चाहे वह टेलिविजन हो अथवा ओटीटी।’

एक बड़े मार्केट के रूप में भारत के महत्‍व पर जोर देते हुए आगा ने कहा, ‘हमारा ध्‍यान जिन प्रमुख मार्केट पर है, उनमें भारत भी शामिल है, क्‍योंकि यहां पर ग्रोथ करने की बहुत क्षमता और संभावना है। हमें भारत की बड़ी आबादी में एक बड़ा अवसर दिखाई देता है, जो कि अधिक समृद्ध और शहरी बनती जा रही है। ऐसा होने पर इंटरनेशनल कंटेंट की मांग भी बढ़ जाती है।’

आगा ने खुलासा किया कि भारत में उनके कंटेंट और ब्रैंड के परिणाम काफी उत्‍साहजनक और रोमांचक हैं। उन्‍होंने कहा, ‘हमने भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में बीबीसी ब्रैंड्स और इसकी फेंचाइजी के लिए मौकों और बाजार की तलाश अभी शुरू ही की है।’ आगा ने यह भी बताया कि किसी भी शो में विज्ञापन का काफी महत्‍व होता है और भविष्‍य में यह स्थिति और रोचक होने जा रही है।

आगा ने बताया, ‘ आज हालात ये हैं कि आप अपने कंटेंट को रिकॉर्ड कर सकते हैं और विज्ञापन को हटा सकते हैं। ऐसे में ब्रैंड को खुद को दोबारा से इस तरह तैयार करना होगा जिससे वे अपना लुक और बेहतर कर सकें और ऑडियंस तक अपनी बात पहुंचा सकें। मुझे लगता है कि हमारे जैसे प्रॉड्यूसर्स इस काम को करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि बड़ा ब्रैंड होने के नाते हम इसकी जरूरतों को समझते हैं। हम जानते हैं कि कैसे कोई स्‍टोरी तैयार की जाती है और उसे कैसे ब्रैंड के साथ जोड़ा जाता है ताकि यह और प्रभावी बन सके।’

अपने नए प्रॉडक्‍शन लाइन अप और आने वाले वित्‍तीय वर्ष के लिए अन्‍य योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर आगा ने बताया, ‘भारत में कंटेंट तैयार करने के लिए नए बिजनेस मॉडल में बहुत अवसर हैं। ये बिजनेस मॉडल ऑडियंस की बदलती हुई जरूरतों को पूरा करने के लिए ब्रैंड्स, कंटेंट, क्रिएटर्स और प्‍लेटफॉर्म्‍स को एक-दूसरे के नजदीक लाते हैं। बच्‍चों के कंटेंट में भी हमें काफी ज्‍यादा संभावनाएं दिखाई दे रही हैं और हम अपने ब्रैंड ‘सीबीज’ (Cbeebies) के लिए  पार्टनरशिप की तलाश करेंगे।’  

इसके अलावा आगा ने यह भी बताया‍, ‘भारत में बिजनेस की अपेक्षा दक्षिण पूर्व एशिया में हमारा बिसनेस कुछ अलग है क्‍योंकि यह प्राथमिक रूप से चैनल बिजनेस है।‘ आगा ने कहा कि कंटेंट के इस्‍तेमाल को लेकर भारत की तरह ये मार्केट तेजी से ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स की ओर बढ़ रहा है। इसलिए वे मल्‍टीपल प्‍लेटफॉर्म पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

अपने ब्रैंड के कंटेंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन की स्‍ट्रेटजी के बारे में आग ने बताया कि ग्रुप की स्‍ट्रेटजी हमेशा से यही रही है कि यूके से अच्‍छी क्‍वॉलिटी का कंटेंट लेकर आया जाए और चैनल अथवा डिजिटल प्‍लेटफॉर्म्‍स की परवाह किए बिना इसे ऑडियंस तक पहुंचाया जाए।

आगा ने कहा, ‘अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने और एक नए लेवल तक ले जाने के लिए हम हमेशा अपने प्रॉडक्‍शन हाउस की क्षमताओं में वृद्धि करते रहते हैं और ध्‍यान रखते हैं कि हमारा कंटेंट क्‍वॉलिटी के मामले में और भी बेहतर हो।’

आगा ने कहा, ‘ नोटबंदी और जीएसटी के कारण भारतीय बाजार में फिलहाल कुछ अस्‍थायी व्‍यवधान आया है। लेकिन उम्‍मीद है कि आने वाले समय में इसमें काफी तेजी आएगी। इसके अलावा मुझे यह भी उम्‍मीद है कि कंटेंट तैयार करने और उसे कंपनियों को देने के काम में भी काफी बेहतर अवसर पैदा होंगे।।’



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